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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत की समुद्री विरासत को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· भारत के द्विपक्षीय संबंध· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

भारत की समुद्री विरासत को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से, भारतीय नौसेना पोरबंदर से ओमान के मस्कट तक INSV कौण्डिन्य की पहली विदेशी यात्रा (maiden overseas voyage) शुरू कर रही है।

पृष्ठभूमि

INSV Kaundinya एक ऐसी सिलाई वाली नौका (stitched sailing vessel) है, जिसे पारंपरिक तकनीकों और आधुनिक नौसेना विशेषज्ञता का उपयोग करके बनाया गया है। इसका नाम प्रसिद्ध नाविक कौण्डिन्य के नाम पर रखा गया है और यह गुजरात के पोरबंदर से ओमान के मस्कट तक की यात्रा करेगी।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यINSV कौण्डिन्य: पारंपरिक जहाज निर्माण तकनीकों का उपयोग करके बनाया गया एक स्टिच्ड सेलिंग वेसल (stitched sailing vessel)।
  • पदकौण्डिन्य: वह प्रसिद्ध नाविक जिनके नाम पर इस वेसल (vessel) का नाम रखा गया है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय महासागर क्षेत्र में भारत के समुद्री कूटनीति और सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करने में पारंपरिक समुद्री विरासत को पुनर्जीवित करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • सांस्कृतिक कूटनीति: हिंद महासागर में सॉफ्ट पावर बनाने के लिए ऐतिहासिक समुद्री संबंधों का इस्तेमाल
  • हेरिटेज संरक्षण: समुद्री पहचान के लिए पारंपरिक जहाज निर्माण तकनीकों को आधुनिक नौसेना विशेषज्ञता के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: समुद्री विरासत · सॉफ्ट पावर · सांस्कृतिक कूटनीति · इंडियन ओशन रीजन · पारंपरिक जहाज निर्माण

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS1 · चर्चित स्थान / मानचित्र

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।