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भाग I · स्था. 11.2025 
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महाराष्ट्र सरकार ने शहरी आवास अधिकारों के समाधान हेतु 1 जनवरी

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· Poverty, hunger & nutrition· Mains·

चर्चा में क्यों

महाराष्ट्र सरकार ने शहरी आवास अधिकारों के समाधान हेतु 1 जनवरी, 2011 से पूर्व निर्मित आवासों में रहने वाले झुग्गी निवासियों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए एक नीति की घोषणा की है।

पृष्ठभूमि

महाराष्ट्र सरकार पात्र झुग्गी निवासियों की पहचानकरने हेतु राज्यव्यापी सर्वेक्षण आयोजित कर रही है। यह नीति विशेष रूप से निर्दिष्ट आवास परियोजनाओं में पुनर्वास हेतु सरकारी या वन भूमि पर 1 जनवरी, 2011 से पूर्व निर्मित आवासों को कवर करती है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यमलिन बस्तियों के संरक्षण हेतु पात्रता की कट-ऑफ तिथि: 1 जनवरी, 2011।
  • स्थानमहाराष्ट्र राज्य।
  • संस्थाराजस्व विभाग, महाराष्ट्र सरकार।

मेन्स के लिए

Q. महाराष्ट्र जैसे तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ते भारतीय राज्यों में शहरी विकास और झुग्गीवासियों के आवास अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • Legal complexity: Reconciling illegal land occupation on forest/government land with the Right to Housing
  • Administrative bottleneck: Difficulty in conducting accurate statewide surveys and verifying residency status for millions
  • Resource constraint: High fiscal burden of providing permanent housing infrastructure versus temporary relocation measures

कीवर्ड: Right to Housing · Urbanization · In-situ rehabilitation · Slum redevelopment · Land tenure

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: Indian Express ↗यह भी: GS2 · Government policies & schemesयह भी: GS1 · Urbanisation

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।