Hormuz Strait तनाव के बीच भारत ने संयम और डिप्लोमेसी की अपील की
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चर्चा में क्यों
ईरान और US के बीच तेल टैंकरों पर हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़' में बढ़ते सैन्य तनाव पर भारत ने चिंता व्यक्त की है।
पृष्ठभूमि
हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है। इस संघर्ष में कुवैत और बहरीन पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों के साथ-साथ, ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर अमेरिका द्वारा किए गए हमलों का समावेश था।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक जलमार्ग जो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
- तथ्यहॉर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के कुल तेल उपभोग के लगभग 20-30% के लिए एक प्राथमिक पारगमन बिंदु है।
- पदMEA: Ministry of External Affairs, भारत सरकार का मुख्य मंत्रालय जो भारत की विदेश नीति तैयार करने और उसे लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
Q. भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक महत्व का विश्लेषण कीजिए और पश्चिम एशिया की अस्थिरता के भारत के समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले निहितार्थों की चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Energy security risk: Vulnerability of India's crude oil imports to maritime chokepoint disruptions in the Persian Gulf.
- Geopolitical balancing: India's challenge in maintaining 'Strategic Autonomy' while navigating the US-Iran rivalry.
- Trade route volatility: Potential for increased maritime insurance premiums and shipping delays affecting India's trade balance.
कीवर्ड: Strategic Autonomy · Energy Security · Maritime Chokepoint · De-escalation · Geopolitical Stability
अंतर्राष्ट्रीय संबंध पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।