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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (NREGS) को MGNREGA में बदल दिया है

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चर्चा में क्यों

भारत सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (NREGS) को MGNREGA में बदल दिया है, जिसके तहत गारंटीकृत कार्य दिवसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है और फंडिंग की जिम्मेदारी राज्यों को सौंप दी गई है।

पृष्ठभूमि

इस योजना का नाम NREGS से बदलकर MGNREGA कर दिया गया। इसके तहत गारंटीकृत कार्य दिवसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई। इस बदलाव के अंतर्गत फंडिंग की जिम्मेदारियों को राज्य सरकारों को हस्तांतरित किया गया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • योजनाMGNREGA: इसका नाम National Rural Employment Guarantee Scheme (NREGS) से बदलकर रखा गया।
  • तथ्यसंशोधित योजना के तहत गारंटीड कार्य दिवसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है।
  • तथ्ययोजना के लिए फंडिंग की ज़िम्मेदारियाँ राज्य सरकारों को सौंपी जा रही हैं।

मेन्स के लिए

प्रश्न: मनरेगा (MGNREGA) के अंतर्गत राज्यों पर वित्तपोषण की जिम्मेदारियों के हस्तांतरण और ग्रामीण आजीविका सुरक्षा एवं रोजगार सृजन पर इसके प्रभावों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • राजकोषीय संघवाद: राज्यों की अलग-अलग वित्तीय क्षमताओं के कारण असमान कार्यान्वयन की संभावना
  • संरचनात्मक सीमा: ग्रामीण श्रम पर योजना का फोकस बनाम गैर-कृषि रोजगार की बढ़ती मांग
  • गवर्नेंस रिस्क: विकेंद्रीकृत फंडिंग से निगरानी कम होने और भ्रष्टाचार कम करने की प्रभावशीलता घटने की संभावना

मुख्य शब्द: ग्रामीण आजीविका · राजकोषीय संघवाद · रोज़गार गारंटी · विकेंद्रीकृत फंडिंग · गैर-कृषि रोजगार

पूरा कालक्रम (रिवीजन के लिए) →पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: बीबीसी ↗यह भी: GS3 · रोज़गार एवं समावेशी विकासयह भी: GS2 · सरकारी नीतियां एवं योजनाएं

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।