केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने घोषणा की है कि ICFRE अरावली रेंज में खनन क्षेत्रों को चिह्नित करने के लिए जिला-वार रिपोर्ट तैयार करेगा
GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमि· प्रीलिम्स + मेन्स·
चर्चा में क्यों
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने घोषणा की है कि ICFRE अरावली रेंज में खनन क्षेत्रों को चिह्नित करने के लिए जिला-वार रिपोर्ट तैयार करेगा, ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जा सके।
पृष्ठभूमि
इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन (ICFRE) को अरावली रेंज के मानदंडों को पूरा करने वाली पहाड़ियों की पहचान करने का कार्य सौंपा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में खनन पर रोक लगाने और पारिस्थितिक प्रभावों का मानचित्रण करने के लिए सस्टेनेबल माइनिंग फॉर सस्टेनेबल माइनिंग (MPSM) हेतु एक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया जाएगा।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाICFRE: इंडियन काउंसिल ऑफ फॉरेस्ट्री रिसर्च एंड एजुकेशन।
- तथ्यइस प्रक्रिया के दौरान अरावली रेंज में कोई नए माइनिंग लाइसेंस (mining licenses) नहीं दिए जाएंगे।
- तथ्यMPSM: मैनेजमेंट प्लान फॉर सस्टेनेबल माइनिंग (Management Plan for Sustainable Mining)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अरावली पर्वतमाला के पारिस्थितिक महत्व की चर्चा कीजिए और औद्योगिक खनन एवं पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए एक वैज्ञानिक प्रबंधन योजना की आवश्यकता का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर के आयाम
- पारिस्थितिक गिरावट: अनियंत्रित पहाड़ी खनन के कारण जैव विविधता और ग्राउंडवाटर रिचार्ज क्षमता का नुकसान
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: पारदर्शी एनवायरनमेंटल सेफ़गार्ड्स और संवेदनशील ज़ोन की साइंटिफिक मैपिंग की ज़रूरत
- रेस्टोरेशन मैंडेट: माइनिंग लाइसेंस के हिस्से के रूप में अनिवार्य इकोलॉजिकल रेस्टोरेशन प्रयासों की आवश्यकता
मुख्य शब्द: सस्टेनेबल माइनिंग · पारिस्थितिक प्रभाव · वैज्ञानिक निगरानी · पर्यावरण सुरक्षा उपाय · संसाधन प्रबंधन
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी पर और नोट्स
- सुप्रीम कोर्ट ने पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में अनियंत्रित खनन को रोकने के लिए अरावली हिल्स की परिभाषा से संबंधित अपने पिछले निर्देशों और एक विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर रोक लगा दी है · 29 दिसंबर 2025
- NGO 'Wildlife First' की आपत्तियों के बाद, कर्नाटक के वन मंत्री ने KIOCL द्वारा मांगी गई पूर्वव्यापी वन मंजूरी (ex-post facto forest clearance) की याचिका की जांच के निर्देश दिए हैं · 27 दिसंबर 2025
- तमिलनाडु सरकार ने अपनी तटरेखा के साथ फेंके गए मछली पकड़ने वाले जालों और समुद्री कचरे के भारी जमाव की सूचना दी है · 27 दिसंबर 2025
- एक साल के प्रयास के बावजूद अरावली पर्वत श्रृंखला की सीमाओं को परिभाषित करने में विफल रहने पर · 26 दिसंबर 2025
- कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक के काली टाइगर रिज़र्व (KTR) से 339 परिवारों को स्थानांतरित करने की वैधता को चुनौती दी है · 25 दिसंबर 2025
- जल संसाधन विभाग ने कृष्णा जिले में 20 स्थानों पर फ्रैकिंग (fracking) के लिए वेदांत लिमिटेड (Vedanta Limited) को अनापत्ति प्रमाण पत्र (No-Objection Certificate) जारी किया है, जबकि कार्यकर्ताओं द्वारा भूजल पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चिंता जताई गई थी · 25 दिसंबर 2025
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।