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भाग I · स्था. 11.2025 
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मणिपुर में विस्थापित लोग जब सेनापति जिले के ग्वालताबी में अपने घरों को वापस लौटने की कोशिश कर रहे थे, तब यांगंगपोकपी में सुरक्षा बलों के साथ उनका टकराव हो गया

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चर्चा में क्यों

मणिपुर में विस्थापित लोग जब सेनापति जिले के ग्वालताबी में अपने घरों को वापस लौटने की कोशिश कर रहे थे, तब यांगंगपोकपी में सुरक्षा बलों के साथ उनका टकराव हो गया।

पृष्ठभूमि

29 नवंबर, 2025 को सैकड़ों आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (IDPs) ने सुरक्षा बलों के साथ झड़प की। सेनापति जिले के पास ग्वालताबी पहुँचने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • स्थानग्वालताबी और यांगंगपोकपी मणिपुर के सेनापति जिले में स्थित स्थान हैं।
  • तथ्य29 नवंबर, 2025 को हुई झड़प के दौरान सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए टियर गैस (tear gas) शेल का इस्तेमाल किया।

मेन्स के लिए

प्रश्न: मणिपुर जैसे संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में आंतरिक विस्थापन के प्रबंधन और सांप्रदायिक सद्भाव की बहाली में निहित चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • सुरक्षा-मानवाधिकार विरोधाभास: टीयर गैस जैसे नॉन-लीथल फोर्स के इस्तेमाल और IDP अधिकारों के संरक्षण के बीच संतुलन
  • प्रशासनिक बाधा: विस्थापित आबादी के लिए सुरक्षित वापसी कॉरिडोर और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में देरी

मुख्य शब्द: आंतरिक विस्थापन · सांप्रदायिक सद्भाव · संघर्ष समाधान · सिविल ऑर्डर · मानवाधिकार

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।