इंटरनेशनल अडॉप्शन के नियम अलग-अलग देशों में अलग होते हैं
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चर्चा में क्यों
अंतरराष्ट्रीय गोद लेने की प्रक्रिया जटिल होती जा रही है, क्योंकि भारत और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश हेग कन्वेंशन (Hague Convention) के अंतर्गत विदेशी गोद लेने के बजाय घरेलू प्लेसमेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं।
पृष्ठभूमि
द हेग एडॉप्शन कन्वेंशन (The Hague Adoption Convention) तस्करी और अवैध प्रथाओं से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु अंतर्राष्ट्रीय मानक स्थापित करता है। भारत और दक्षिण अफ्रीका इसके हस्ताक्षरकर्ता देश हैं, जो अंतर्राष्ट्रीय गोद लेने की प्रक्रिया को मंजूरी देने से पूर्व घरेलू फोस्टर केयर (foster care) या किन्शिप केयर (kinship care) को प्राथमिकता देते हैं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- अंतर्राष्ट्रीय संगठनHague Adoption Convention: एक अंतर्राष्ट्रीय संधि जो विभिन्न देशों के बीच बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने के लिए मानक स्थापित करती है।
- तथ्यभारत और दक्षिण अफ्रीका अंतर्राष्ट्रीय गोद लेने के लिए घरेलू प्लेसमेंट (नातेदारी/फोस्टर केयर) को एक पूर्व शर्त के रूप में प्राथमिकता देते हैं।
- संस्थावर्तमान वैश्विक नियामक ढाँचों के तहत अंतर्राष्ट्रीय गोद लेने (International adoption) को तेजी से 'अंतिम विकल्प' (last resort) के रूप में माना जा रहा है।
मेन्स के लिए
Q. अंतरराष्ट्रीय अंगीकरण की नैतिक और कानूनी जटिलताओं तथा बाल कल्याण नीतियों में घरेलू रिश्तेदारी देखभाल (kinship care) को प्राथमिकता देने के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Regulatory bottleneck: Stringent background checks and legal requirements increasing wait times for prospective parents.
- Ethical priority: Shift toward 'best interests of the child' principle favoring domestic foster care over international relocation.
- Legal harmonization: Challenges in aligning diverse national adoption laws with the Hague Convention standards.
कीवर्ड: Hague Adoption Convention · Kinship care · Child welfare · Regulatory framework · Domestic placement
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