महाराष्ट्र सरकार भारत के UNESCO विश्व धरोहर स्थल के नामांकन को सुदृढ़ करनेउद्देश्य से कोंकण क्षेत्र में स्थित प्रागैतिहासिक पेट्रोग्लिफ्स (शिलालेखों) के विश्लेषण हेतु AI तकनीक का उपयोग कर रही है
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चर्चा में क्यों
महाराष्ट्र सरकार भारत के UNESCO विश्व धरोहर स्थल के नामांकन को सुदृढ़ करनेउद्देश्य से कोंकण क्षेत्र में स्थित प्रागैतिहासिक पेट्रोग्लिफ्स (शिलालेखों) के विश्लेषण हेतु AI तकनीक का उपयोग कर रही है।
पृष्ठभूमि
इस परियोजना के अंतर्गत 20,000 BC से 10,000 BC के कालखंड की नक्काशी के दस्तावेजीकरण हेतु IIT Pravartak (IIT Madras) के माध्यम से 15 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। ये शैलचित्र (petroglyphs) विशेष रूप से घोड़ों या बैलों के चित्रण के अभाव के लिए उल्लेखनीय हैं, जो यह संकेत देते हैं कि ये इन पशुओं के भारत में आगमन से पूर्व के हैं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- स्थानकोनकण क्षेत्र: महाराष्ट्र का तटीय क्षेत्र जो अपने प्रागैतिहासिक पेट्रोग्लिफ्स (petroglyphs) के लिए जाना जाता है।
- विज्ञान-तकनीकIIT Pravartak: IIT Madras का एक प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (Technology innovation hub) जो AI-आधारित पुरातात्विक दस्तावेजीकरण (archaeological documentation) में शामिल है।
- तथ्यपेट्रोग्लिफ़ (Petroglyph) कालक्रम: नक्काशी की तिथियाँ 20,000 BC और 10,000 BC के बीच की हैं।
- संस्थाUNESCO विश्व धरोहर: एक अंतर्राष्ट्रीय निकाय जो उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य वाले स्थलों को मान्यता देता है।
मेन्स के लिए
Q. पुरातत्वीय दस्तावेजीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण भारत की प्रागैतिहासिक विरासत के संरक्षण और वैश्विक पहचान को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है? चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Technological intervention: AI-driven pattern recognition to identify and categorize complex prehistoric petroglyphs.
- Heritage diplomacy: Utilizing scientific documentation to meet UNESCO's rigorous criteria for World Heritage status.
- Paleo-environmental reconstruction: Using rock art to infer prehistoric flora, fauna, and migratory patterns of early humans.
कीवर्ड: Petroglyphs · Cultural Etymology · Heritage Preservation · Artificial Intelligence · UNESCO World Heritage
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।