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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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जापान ने उमिनोनाकामिची नाटा सीवाटर डिसेलिनेशन सेंटर में एशिया के पहले ऑस्मोटिक पावर प्लांट का संचालन शुरू किया है

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चर्चा में क्यों

जापान ने उमिनोनाकामिची नाटा सीवाटर डिसेलिनेशन सेंटर में एशिया के पहले ऑस्मोटिक पावर प्लांट का संचालन शुरू किया है, जो मीठे और खारे पानी के निरंतर प्रवाह से बिजली उत्पन्न करता है।

पृष्ठभूमि

यह सुविधा विद्युत उत्पादन हेतु विलवणीकरण (desalination) प्रक्रिया से प्राप्त सांद्रित लवण अपशिष्ट और उपचारित अपशिष्ट जल का उपयोग करती है। यह विश्व का दूसरा परासरणी ऊर्जा (osmotic power) संयंत्र है और अपनी पूर्ण विश्वसनीयता के लिए उल्लेखनीय है, क्योंकि यह मौसम की स्थितियों पर निर्भर हुए बिना निरंतर संचालित होता है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकऑस्मोटिक पावर: ताजे पानी और खारे पानी के निरंतर प्रवाह से उत्पन्न होने वाली बिजली।
  • स्थानउमिनोनाकामिची नाटा सीवाटर डिसेलिनेशन सेंटर: जापान में एशिया के पहले ऑस्मोटिक पावर प्लांट का स्थान।
  • तथ्ययह संयंत्र प्राथमिक इनपुट के रूप में केंद्रित खारे पानी (concentrated brine waste) और उपचारित अपशिष्ट जल (treated wastewater) का उपयोग करता है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: तटीय क्षेत्रों के लिए एक विश्वसनीय और सतत ऊर्जा स्रोत के रूप में परासरणी ऊर्जा (Osmotic Power) की क्षमता का विश्लेषण कीजिए तथा रुक-रुक कर मिलने वाले नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की तुलना में इसके लाभों पर चर्चा कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया ↗यह भी: GS3 · प्रदूषण (वायु, जल, प्लास्टिक)

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।