भारत सरकार और RBI ने सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में FII निवेश पर कैपिटल गेन्स टैक्स को हटाकर और फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) का विस्तार करके विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए कदम उठाए हैं
GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग· प्रीलिम्स + मेन्स·
चर्चा में क्यों
भारत सरकार और RBI ने सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में FII निवेश पर कैपिटल गेन्स टैक्स को हटाकर और फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) का विस्तार करके विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए कदम उठाए हैं।
पृष्ठभूमि
सरकार ने सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में FII निवेश पर पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) को हटा दिया है और उन्हें ब्याज आय एवं पूंजीगत लाभ पर कर से छूट दी है। RBI ने सरकारी बॉन्ड के लिए फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) का विस्तार किया है और लिस्टेड इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में NRI और OCI के लिए निवेश की सीमा बढ़ा दी है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यFIIs: Foreign Institutional Investors को सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में निवेश पर कैपिटल गेन्स टैक्स (Capital Gains Tax) से छूट दी गई है।
- संस्थाभारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सरकारी बॉन्ड के लिए फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) का विस्तार किया।
- तथ्यNRIs और OCIs: लिस्टेड इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स (listed equity instruments) में इन कैटेगरी के लिए इन्वेस्टमेंट लिमिट्स को बढ़ा दिया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन और विनियामक शिथिलताएँ भारत के पूंजी बाजार की गहराई और तरलता को किस प्रकार प्रभावित कर सकती हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- मार्केट में उतार-चढ़ाव: शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी बढ़ने की संभावना बनाम लॉन्ग-टर्म कैपिटल फ्लाइट के रिस्क
- मौनेटरी फ्रिक्शन: RBI के हॉकिश पॉलिसी स्टैंड के सामने कैपिटल इनफ्लो इंसेंटिव्स को संतुलित करना
- मार्केट डेप्थ: सरकारी सिक्योरिटीज की स्थिरता पर बढ़ते FII पार्टिसिपेशन का असर
मुख्य शब्द: कैपिटल गेन्स टैक्स · विदेशी संस्थागत निवेशक · पूरी तरह सुलभ मार्ग · मार्केट लिक्विडिटी · पूंजी का प्रवाह
अर्थव्यवस्था पर और नोट्स
- वर्ष 2025-26 में भारत को रिकॉर्ड $110.47 बिलियन की प्रेषण राशि (remittances) प्राप्त हुई · 11 जून 2026
- कृषि मंत्रालय ने वैश्विक कीमतों में हो रही वृद्धि और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों से निपटनेके लिए वित्त मंत्रालय से उर्वरक सब्सिडी आवंटन को बढ़ाकर 1.71 लाख करोड़ रुपये करने का अनुरोध किया है · 10 जून 2026
- SEBI ने निवेशकों के लिए पारदर्शिता बढ़ाने हेतु यह प्रस्ताव दिया है कि एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) को कार्यकारी स्तर के कर्मचारियों के समेकित पारिश्रमिक और उनकी कुल संख्या का खुलासा करना अनिवार्य होगा · 10 जून 2026
- भारत में वधवन पोर्ट विकास हेतु 10.14-किमी लंबा ब्रेकवाटर (breakwater) निर्माण के लिए अफकॉन्स इन्फ्रा (Afcons Infra) को 5,301 करोड़ रुपये का अनुबंध प्रदान किया गया है · 10 जून 2026
- वित्त वर्ष 2025 में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 11.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है · 10 जून 2026
- बॉम्बे उच्च न्यायालय ने आवास परियोजनाओं में होने वाली देरी के प्रत्येक माह के लिए गृह खरीदारों को ब्याज प्राप्त करने के अधिकार को बरकरार रखा है · 10 जून 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।