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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारतीय अधिकारियों ने जलवायु अनुकूलन और आर्थिक वास्तविकताओं के बीच संतुलन बनाने के लिए आर्थिक रूप से विकासशील देशों को जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए विस्तारित समय सीमा की वकालत की

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चर्चा में क्यों

भारतीय अधिकारियों ने जलवायु अनुकूलन और आर्थिक वास्तविकताओं के बीच संतुलन बनाने के लिए आर्थिक रूप से विकासशील देशों को जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के लिए विस्तारित समय सीमा की वकालत की।

पृष्ठभूमि

भारत की विस्तृत तटरेखा और कम ऊंचाई वाले संवेदनशील क्षेत्रों के कारण, देश जलवायु परिवर्तन अनुकूलन (Climate Change Adaptation) के संबंध में एक दुविधा का सामना कर रहा है। इस चर्चा में तीन दृष्टिकोण शामिल हैं: प्रबंधित वापसी (Managed Retreat), जीवाश्म ईंधन का तत्काल चरणबद्ध तरीके से विलोपन (Phase-out), और आर्थिक वास्तविकताओं को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित समाधान।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यभारत की तटरेखा (coastline) और निचले इलाकों को जलवायु परिवर्तन (climate change) के प्रति अत्यधिक संवेदनशील (vulnerable) माना गया है।
  • तथ्यआर्थिक रूप से विकसित हो रहे देश सस्ते ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता के कारण फॉसिल फ्यूल (fossil fuel) को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने की समयसीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

मेन्स के लिए

प्रश्न: जलवायु अनुकूलन के लिए जीवाश्म ईंधन को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के वैश्विक अधिदेश और तीव्र आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करने में विकासशील देशों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • आर्थिक-पर्यावरण ट्रेड-ऑफ: सस्ती ऊर्जा की तत्काल ज़रूरत और लंबे समय के क्लाइमेट रेजिलिएंस लक्ष्यों के बीच संतुलन
  • क्लाइमेट एक्शन में समानता: आर्थिक स्थिति के आधार पर विकासशील देशों के लिए अलग समयसीमा का तर्क
  • अनुकूलन रणनीतियाँ: तटीय क्षेत्रों में 'मैनेज्ड रिट्रीट' बनाम इंफ्रास्ट्रक्चर-हैवी अनुकूलन का मूल्यांकन

मुख्य शब्द: क्लाइमेट एडैप्टेशन · मैनेज्ड रिट्रीट · ऊर्जा ट्रांज़िशन · आर्थिक वास्तविकताएं

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS3 · जलवायु परिवर्तन एवं अंतर्राष्ट्रीय समझौतेयह भी: GS3 · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।