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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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चिन्तन रिसर्च फाउंडेशन और फिनोविस्टा, मंथन (ऑफिस ऑफ द प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर) के साथ साझेदारी में

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चर्चा में क्यों

चिन्तन रिसर्च फाउंडेशन और फिनोविस्टा, मंथन (ऑफिस ऑफ द प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर) के साथ साझेदारी में।

पृष्ठभूमि

यह संवाद नई दिल्ली में कम कार्बन वाले स्वच्छ ऊर्जा स्रोत के रूप में SMRs पर चर्चा करने के लिए आयोजित किया गया था। चिंतन रिसर्च फाउंडेशन के डॉ. देबाजित पालित ने रक्षा और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की विशिष्ट बिजली मांगों को पूरा करने में SMRs की उपयोगिता पर जोर दिया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकSMRs: Small Modular Reactors को भारत के लिए एक लो-कार्बन क्लीन एनर्जी सोर्स (low-carbon clean energy source) के रूप में पहचाना गया है।
  • संस्थामंथन: भारत सरकार के प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर (Principal Scientific Adviser) के ऑफिस की एक पहल।
  • तथ्यSMRs का उपयोग दो विशिष्ट क्षेत्रों: डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और डेटा सेंटर ऑपरेशंस में प्रस्तावित है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के ऊर्जा-गहन औद्योगिक और रक्षा क्षेत्रों को समर्थन प्रदान करते हुए, भारत के 'नेट-जीरो' लक्ष्यों की प्राप्ति में लघु मॉड्यूलर रिएक्टरों (SMRs) की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • डिकार्बोनाइजेशन सिनर्जी: हाई-इंटेंसिटी मैन्युफैक्चरिंग और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लो-कार्बन बेसलोड पावर प्रदान करना
  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: महत्वपूर्ण डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब्स के लिए बाहरी एनर्जी ग्रिड पर निर्भरता कम करना

मुख्य शब्द: ऊर्जा ट्रांज़िशन · स्मॉल मॉडुलर रिएक्टर्स · डिकार्बोनाइजेशन · बेसलोड पावर · रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: एनडीटीवी ↗यह भी: GS3 · बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।