सुप्रीम कोर्ट बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) अभ्यास की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (Association for Democratic Reforms) द्वारा दायर याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाने वाला है
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चर्चा में क्यों
सुप्रीम कोर्ट बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) अभ्यास की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (Association for Democratic Reforms) द्वारा दायर याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाने वाला है।
पृष्ठभूमि
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (Association for Democratic Reforms) ने SIR अभ्यास के दौरान भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर अपनी शक्तियों का उल्लंघन करने और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया। कोर्ट की कार्यवाही में पहचान के प्रमाण के रूप में आधार को शामिल करने के संबंध में एक महत्वपूर्ण न्यायिक हस्तक्षेप (Judicial Intervention) शामिल था।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाECI: वह संस्था जो विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) प्रक्रिया आयोजित करने के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यSIR केस के दौरान न्यायिक हस्तक्षेप (judicial intervention) के दौरान Aadhaar को पहचान के प्रमाण (proof of identity) के रूप में शामिल किया गया था।
- स्थानबिहार: वह राज्य जहाँ चुनौती दी जा रही विशिष्ट SIR एक्सरसाइज स्थित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मतदाता सूची में प्रशासनिक संशोधनों की संवैधानिक वैधता और पारदर्शिता एवं समावेशिता सुनिश्चित करने में चुनाव आयोग की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- पारदर्शिता में कमी: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में सार्वजनिक खुलासे का अभाव
- पहचान सत्यापन: हाशिए पर मौजूद समूहों के लिए वोट के अधिकार के साथ आधार-आधारित ऑथेंटिकेशन का संतुलन
- अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन: मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान ECI की कार्यकारी शक्तियों की सीमाओं का आकलन
मुख्य शब्द: संवैधानिक वैधता · पारदर्शिता · चुनावी अखंडता · न्यायिक हस्तक्षेप · प्रशासनिक चूक
राजव्यवस्था एवं संविधान पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।