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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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मध्य पूर्व के संघर्ष ने गैस की आपूर्ति और शिपिंग रूट्स (shipping routes) को बाधित कर दिया है

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· उद्योग, निवेश एवं MSME· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

मध्य पूर्व के संघर्ष ने गैस की आपूर्ति और शिपिंग रूट्स (shipping routes) को बाधित कर दिया है, जिससे फिरोजाबाद के ग्लास इंडस्ट्री (glass industry) में उत्पादन का नुकसान हुआ है और भारत के मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ टारगेट (manufacturing growth targets) के लिए खतरा पैदा हो गया है।

पृष्ठभूमि

फिरोजाबाद को भारत की 'ग्लास सिटी' (Glass City) के रूप में जाना जाता है। भारत सरकार का लक्ष्य अर्थव्यवस्था में विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing Sector) की हिस्सेदारी को 17% से बढ़ाकर 25% करना है। गैस की कमी के दौरान GAIL गैस प्रभावित इकाइयों को गैस की आपूर्ति प्रदान कर रही है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यभारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का लक्ष्य: हिस्सेदारी को 17% से बढ़ाकर 25% करना।
  • संस्थाGAIL Gas: ग्लास बनाने वाली यूनिट्स को गैस उपलब्ध कराने वाली एक सरकारी कंपनी।
  • स्थानफिरोजाबाद: इसे भारत में 'ग्लास सिटी' (Glass City) के रूप में जाना जाता है।
  • तथ्यसंघर्ष का प्रभाव: शिपिंग कंटेनरों की कीमतों में भारी उछाल और ग्लासमेकिंग (glassmaking) में उत्पादन में कमी।

मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्षों का भारत की विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं पर पड़ने वाले प्रभावों और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों के प्रति सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) की संवेदनशीलता का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • सप्लाई चेन की कमजोरी: ग्लोबल शिपिंग कॉस्ट और एनर्जी इनपुट्स में उतार-चढ़ाव के प्रति MSMEs की संवेदनशीलता
  • मैन्युफैक्चरिंग टारगेट में रुकावट: जियोपॉलिटिकल शॉक के कारण 17% से 25% मैन्युफैक्चरिंग शेयर तक पहुँचना मुश्किल
  • एनर्जी सिक्योरिटी: स्पेशलाइज्ड मैन्युफैक्चरिंग हब्स में औद्योगिक उत्पादन के लिए स्थिर गैस सप्लाई पर निर्भरता

मुख्य शब्द: सप्लाई चेन रेजिलिएंस · मैन्युफैक्चरिंग हिस्सा · MSME की संवेदनशीलता · भू-राजनीतिक जोखिम · औद्योगिक उत्पादन

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।