राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा विधान सभा को संबोधित करने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बनीं
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चर्चा में क्यों
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ओडिशा विधान सभा को संबोधित करने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बनीं। यह कदम राज्य विधानमंडलों में राष्ट्रपति की प्रतीकात्मक और संवैधानिक भूमिका को रेखांकित करता है।
पृष्ठभूमि
इस कार्यक्रम में राज्यपाल हरि बाबू कंबमपाटी, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, स्पीकर सुरमा पाढ़ी और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक उपस्थित थे।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- पदद्रौपदी मुर्मू: ओडिशा विधान सभा को संबोधित करने वाली पहली राष्ट्रपति।
- स्थानओडिशा विधान सभा: ओडिशा की राज्य विधान सभा।
- तथ्यओडिशा के राज्यपाल: हरि बाबू कंबमपाटी।
- तथ्यओडिशा के मुख्यमंत्री: मोहन चरण माझी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राज्य विधानमंडलों के कामकाज में राष्ट्रपति की भूमिका के संवैधानिक महत्व और सदन को संबोधित करने वाले राष्ट्रपति के संबोधन के प्रतीकात्मक महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- संवैधानिक भूमिका: संघ के औपचारिक प्रमुख और संविधान के संरक्षक के रूप में राष्ट्रपति
- प्रतीकात्मक एकता: सर्वोच्च कार्यकारी पद में विविध सामाजिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि का प्रतिनिधित्व
- विधायी निगरानी: विधायी प्रक्रिया के भीतर गरिमा और एकता सुनिश्चित करने में राष्ट्रपति की भूमिका
मुख्य शब्द: संवैधानिक प्रमुख · विधानसभा · संघवाद · प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व · राज्य विधानमंडल
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।