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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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अधिवक्ता टी

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· संविधान, संशोधन एवं मूल ढांचा· मेन्स·

चर्चा में क्यों

अधिवक्ता टी. सिवग्ननसंबंडन ने मद्रास हाई कोर्ट में एक PIL दायर की है, जिसमें 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025' के आठ प्रावधानों को चुनौती दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि ये प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन करते हैं।

पृष्ठभूमि

यह याचिका VB-G RAM जी. अधिनियम, 2025 को चुनौती देती है, जिसमें विशेष रूप से लागत-साझाकरण अनुपात (cost-sharing ratios), ग्राम पंचायत स्वायत्तता और रोजगार गारंटी के मानदंडों से संबंधित प्रावधानों को लक्षित किया गया है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि यह अधिनियम संघवाद विरोधी है और ग्रामीण भारत के लिए हानिकारक है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यVB-G RAM G Act को 2025 में लागू किया गया था।

मेन्स के लिए

प्रश्न: स्थानीय निकायों की स्वायत्तता को प्रतिबंधित करने वाले और ग्रामीण निवासियों के मौलिक अधिकारों को प्रभावित करने वाले केंद्रीय विधान की संवैधानिक वैधता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • संघीय टकराव: लागत-साझाकरण पर केंद्र के आदेश और राज्य/स्थानीय राजकोषीय स्वायत्तता के बीच संघर्ष
  • संवैधानिक जांच: आर्टिकल 14 और 21 के तहत समानता और आजीविका के अधिकारों का संभावित उल्लंघन
  • लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण: ग्रामीण रोजगार योजनाओं में ग्राम पंचायत की शक्तियों में कमी

मुख्य शब्द: जनहित याचिका · एंटी-फेडरलिज्म · संवैधानिक वैधता · ग्राम पंचायत स्वायत्तता · आजीविका का अधिकार

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।