द हिंदू ने नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल के दौरान किए गए आठ संवैधानिक संशोधनों पर प्रकाश डाला है, जिनमें GST
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चर्चा में क्यों
द हिंदू ने नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल के दौरान किए गए आठ संवैधानिक संशोधनों पर प्रकाश डाला है, जिनमें GST, EWS आरक्षण और बांग्लादेश के साथ भूमि सीमा समझौता (Land Boundary Agreement) शामिल हैं।
पृष्ठभूमि
सरकार ने 2014 से अब तक आठ संशोधन लागू किए हैं। प्रमुख उपलब्धियों में 2015 में 99वें संशोधन (NJAC) को रद्द किया जाना, 2015 में भूमि सीमा समझौते (Land Boundary Agreement) का अनुसमर्थन और 2017 में GST का कार्यान्वयन शामिल है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्य99वां संशोधन: इसने नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) की स्थापना की।
- तथ्यNJAC की स्थिति: 2015 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसे रद्द कर दिया गया था।
- तथ्यEWS Reservation: इसे 2019 में पेश किया गया था, जो नौकरियों और शिक्षा के लिए 10% कोटा प्रदान करता है।
- तथ्यGST: इसे 2017 में एक समान indirect tax regime के रूप में लागू किया गया।
- तथ्यलैंड बाउंड्री एग्रीमेंट (Land Boundary Agreement): बांग्लादेश के साथ सीमा विवादों को सुलझाने के लिए 2015 में अनुसमर्थित (Ratified)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: समकालीन भारत में संघीय हितों और सामाजिक न्याय के उद्देश्यों के बीच संतुलन स्थापित करने में संवैधानिक संशोधनों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- न्यायिक निगरानी: न्यायिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए 99वें संशोधन को रद्द करने में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका
- राजकोषीय संघवाद: एक समान अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के रूप में GST का राज्य स्वायत्तता पर प्रभाव
- सामाजिक समानता: हाशिए पर मौजूद समूहों के लिए मौजूदा संवैधानिक जनादेशों के साथ EWS आरक्षण का संतुलन
मुख्य शब्द: संवैधानिक संशोधन · न्यायिक समीक्षा · राजकोषीय संघवाद · सामाजिक न्याय · संघवाद
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।