एक रिपोर्ट में केरल को भारत में सबसे अधिक आत्महत्या दर वाले राज्य के रूप में दर्शाया गया है
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चर्चा में क्यों
एक रिपोर्ट में केरल को भारत में सबसे अधिक आत्महत्या दर वाले राज्य के रूप में दर्शाया गया है। इस रिपोर्ट में इस संकट के लिए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में वृद्धि और विशेषज्ञों की कमी को जिम्मेदार ठहराया गया है।
पृष्ठभूमि
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, वर्ष 2022 में केरल में प्रति एक लाख आबादी पर आत्महत्या की दर 28.5 दर्ज की गई। राज्य में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भारी कमी है और वहां नशीली दवाओं की लत तथा हिंसा जैसी समस्याओं में वृद्धि देखी जा रही है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यकेरल में आत्महत्या की दर: प्रति एक लाख आबादी पर 28.5 (2022 NCRB रिपोर्ट)।
- संस्थानेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (National Crime Records Bureau - NCRB) आत्महत्या की दरों पर डेटा प्रदान करता है।
- पदजयसन जोसेफ, डी. हरि शंकर और देवकी नंबियार केरल की मानसिक स्वास्थ्य स्थिति (mental health status) पर प्रकाश डालने वाले शोधकर्ता हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: केरल में आत्महत्या की बढ़ती दर में योगदान देने वाले सामाजिक-आर्थिक कारकों की चर्चा कीजिए और राज्य के मानसिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए एक बहु-हितधारक ढांचे का सुझाव दीजिए। विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- प्रोफेशनल डेफिसिट: केरल की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में प्रशिक्षित मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स और काउंसलर्स की कमी
- सामाजिक-व्यवहार संबंध: मानसिक स्वास्थ्य में गिरावट और बढ़ते ड्रग एडिक्शन और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के बीच संबंध
- निवारक हस्तक्षेप: बचपन और बुजुर्ग आबादी को लक्षित मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की ज़रूरत
मुख्य शब्द: मेंटल हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर · आत्महत्या रोकथाम · सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति · सामाजिक-व्यवहार संबंधी कारक · प्रोफेशनल शॉर्टेज
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।