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भाग I · स्था. 11.2025 
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मिजोरम सरकार AMRUT योजना और IoT तकनीक का उपयोग करके आइजोल में 300 घरों को 24/7 पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर रही है

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चर्चा में क्यों

मिजोरम सरकार AMRUT योजना और IoT तकनीक का उपयोग करके आइजोल में 300 घरों को 24/7 पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर रही है।

पृष्ठभूमि

यह परियोजना ₹5.24 करोड़ के बजट के साथ आइजोल के वाइवाकावन और चावंपुई क्षेत्रों को कवर करती है। इसमें स्मार्ट वॉटर मीटर, एक नया पाइपलाइन नेटवर्क और लीकेज की रिपोर्टिंग के लिए 'Tui leak' एंड्रॉइड ऐप को शामिल किया गया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • योजनाAMRUT: अटल मिशन फॉर रिजुविनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन।
  • तथ्यप्रोजेक्ट बजट: आइज़ोल (Aizawl) में 300 घरों के लिए ₹5.24 करोड़।
  • विज्ञान-तकनीकउपयोग की गई तकनीक: रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग के लिए स्मार्ट वॉटर मीटर्स और IoT।
  • स्थानस्थान: मिजोरम के आइजोल में वैवकावन और चावंपुई क्षेत्र।
  • संस्थाTui leak: पानी के रिसाव (water leaks) की रिपोर्टिंग के लिए Android ऐप लॉन्च किया गया।

मेन्स के लिए

प्रश्न: मिजोरम जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में शहरी जल प्रबंधन की चुनौतियों के समाधान में 'इंटरनेट ऑफ थिंग्स' (IoT) और स्मार्ट मीटरिंग के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • डेटा-आधारित गवर्नेंस: नॉन-रेवेन्यू वॉटर नुकसान को कम करने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने की चुनौतियां

मुख्य शब्द: शहरी परिवर्तन · स्मार्ट वॉटर मैनेजमेंट · रियल-टाइम मॉनिटरिंग · पायलट प्रोजेक्ट

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · ई-गवर्नेंस एवं नागरिक सेवाएंयह भी: GS1 · चर्चित स्थान / मानचित्र

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।