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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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मत्स्य पालन राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने घोषणा की कि भारत में समुद्री शैवाल (seaweed) का उत्पादन 2015 के बाद से लगभग तीन गुना बढ़ गया है

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चर्चा में क्यों

मत्स्य पालन राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने घोषणा की कि भारत में समुद्री शैवाल (seaweed) का उत्पादन 2015 के बाद से लगभग तीन गुना बढ़ गया है, जो 2024 में 74,083 टन तक पहुंच गया है।

पृष्ठभूमि

वर्ष 2024 में समुद्री शैवाल (Seaweed) का उत्पादन 74,083 टन तक पहुंच गया। इस वृद्धि का मुख्य कारण टिकाऊ आजीविका और तटीय विकास की संभावनाएं हैं। 7वां भारत अंतर्राष्ट्रीय समुद्री शैवाल एक्सपो और समिट (7th India International Seaweed Expo and Summit) का आयोजन इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स, CMFRI और CSMCRI द्वारा किया गया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यभारत का समुद्री शैवाल (Seaweed) उत्पादन 2024 में 74,083 टन तक पहुंच गया।
  • तथ्य2015 के बाद से सीवीड (Seaweed) उत्पादन में लगभग तीन गुना की वृद्धि हुई है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में सतत तटीय आजीविका और 'ब्लू इकोनॉमी' (नीली अर्थव्यवस्था) के विकास के लिए समुद्री शैवाल (सीवीड) की खेती की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • आजीविका विविधीकरण: समुद्री शैवाल की खेती के जरिए तटीय समुदायों के लिए गैर-पारंपरिक आय के स्रोत बनाना
  • ब्लू इकोनॉमी इंटीग्रेशन: टिकाऊ औद्योगिक विकास और खाद्य सुरक्षा के लिए समुद्री संसाधनों का इस्तेमाल
  • संस्थागत तालमेल: मरीन एक्वाकल्चर के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करने में CMFRI और CSMCRI की भूमिका

मुख्य शब्द: ब्लू इकोनॉमी · सतत आजीविका · मरीन एक्वाकल्चर · तटीय विकास · संसाधन अनुकूलन

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS3 · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।