भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने तमिलनाडु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज करने की समय सीमा को 30 जनवरी, 2026 तक बढ़ा दिया है
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चर्चा में क्यों
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने तमिलनाडु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) के लिए दावे और आपत्तियां दर्ज करने की समय सीमा को 30 जनवरी, 2026 तक बढ़ा दिया है।
पृष्ठभूमि
निर्वाचन आयोग (ECI) ने तमिलनाडु में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) की समय सीमा को 18 जनवरी, 2026 से बढ़ाकर 30 जनवरी, 2026 कर दिया है। इस पुनरीक्षण का उद्देश्य एक व्यवस्थित दावा और आपत्ति प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करना है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यSIR: तमिलनाडु में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण।
- तथ्यसमय सीमा का विस्तार: 30 जनवरी, 2026।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने में मतदाता सूची के समय-समय पर होने वाले संशोधन के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- डेटा इंटीग्रिटी: मृत या स्थानांतरित मतदाताओं को जोड़ने से रोकना और 'एक व्यक्ति, एक वोट' सिद्धांत सुनिश्चित करना
- समावेशिता: सार्वभौमिक मताधिकार सुनिश्चित करने के लिए पिछड़े वर्गों से पात्र मतदाताओं की पहचान और पंजीकरण
मुख्य शब्द: मतदाता सूची · सार्वभौमिक मताधिकार · लोकतंत्र · चुनाव की निष्पक्षता · विशेष गहन पुनरीक्षण में तेलंगाना की मतदाता सूची से लगभग 70 लाख नाम हटे
राजव्यवस्था एवं संविधान पर और नोट्स
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- पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी · 25 जनवरी 2026
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision · 25 जनवरी 2026
- भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता डेटा में विसंगतियों को दूर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज' (logical discrepancies) की सूची में व्यक्तियों के नाम अपलोड किए हैं · 24 जनवरी 2026
- पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के दौरान 3.5 लाख से अधिक बिना मैप किए गए (unmapped) मतदाता सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हो सके, जिसके कारण सुनवाई की समय सीमा को बढ़ा दिया गया है · 24 जनवरी 2026
- 2027 की जनगणना के बाद होने वाली आगामी परिसीमन (Delimitation) प्रक्रिया को आजादी के बाद से राजनीतिक सत्ता के सबसे महत्वपूर्ण पुनर्वितरण के रूप में देखा जा रहा है · 23 जनवरी 2026
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।