कर्नाटक के मुख्य चुनाव आयुक्त जी.एस
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चर्चा में क्यों
कर्नाटक के मुख्य चुनाव आयुक्त जी.एस. सांगरेशी ने घोषणा की है कि 25 मई के बाद ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के लिए होने वाले नागरिक चुनावों में EVMs के बजाय बैलेट पेपर का उपयोग किया जाएगा।
पृष्ठभूमि
राज्य चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों और कानूनी उदाहरणों के आधार पर GBA नागरिक चुनावों के लिए बैलेट पेपर का उपयोग करने का निर्णय लिया है। चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची 16 मार्च को प्रकाशित होने वाली है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- पदजी.एस. सांगरेशी: कर्नाटक के मुख्य चुनाव आयुक्त।
- तथ्यGBA सिविक चुनावों के लिए फाइनल मतदाता सूची 16 मार्च को पब्लिश की जाएगी।
- तथ्यग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के लिए सिविक इलेक्शन 25 मई के बाद आयोजित किए जाएंगे।
- तथ्यGBA चुनावों के लिए Electronic Voting Machines (EVMs) के बजाय बैलेट पेपर का उपयोग किया जाएगा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: निर्वाचन अखंडता और तकनीकी संक्रमण के संदर्भ में, शहरी नागरिक चुनावों में पुनः मतपत्रों (ballot papers) के उपयोग से उत्पन्न होने वाले कानूनी और तार्किक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- कानूनी मिसाल: मतदान के तरीकों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के साथ तालमेल
- लॉजिस्टिक जटिलता: मैनुअल बैलेट काउंटिंग बनाम ऑटोमेटेड EVM स्पीड का प्रबंधन
- लोकतांत्रिक पारदर्शिता: मतदाता पहुंच और पेपर-आधारित सिस्टम की सुरक्षा के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: चुनावी अखंडता · बैलेट पेपर · राज्य चुनाव आयोग · ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी · कानूनी मिसाल
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।