सेंट्रल इंफॉर्मेशन कमीशन (CIC) ने फैसला सुनाया है कि अधिवक्ताओं (Advocates) को अपने क्लाइंट्स के लिए जिन मामलों की वे पैरवी कर रहे हैं
GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· संवैधानिक संस्थाएं (CAG, UPSC, वित्त आयोग, NCSC...)· प्रीलिम्स + मेन्स·
चर्चा में क्यों
सेंट्रल इंफॉर्मेशन कमीशन (CIC) ने फैसला सुनाया है कि अधिवक्ताओं (Advocates) को अपने क्लाइंट्स के लिए जिन मामलों की वे पैरवी कर रहे हैं, उनसे संबंधित जानकारी प्राप्त करने के लिए RTI एक्ट का उपयोग करने की अनुमति नहीं है।
पृष्ठभूमि
CIC का निर्णय मद्रास हाई कोर्ट के उस आदेश पर आधारित था जिसमें कहा गया था कि इस तरह के अनुरोध RTI Act के उद्देश्यों को कमजोर करते हैं। यह विशिष्ट मामला हरियाणा के एक जवाहर नवोदय विद्यालय में फल और सब्जियों की आपूर्ति के अनुबंध से जुड़े विवाद के संबंध में एक वकील की अपील से संबंधित था।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यCIC ने हरियाणा के एक जवाहर नवोदय विद्यालय में सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट विवाद से संबंधित एक अपीलको खारिज कर दिया।
- स्थानमद्रास हाई कोर्ट: वह कोर्ट जिसके आदेश का हवाला CIC ने एडवोकेट्स के लिए RTI एक्सेस के संबंध में दिया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सूचना के अधिकार अधिनियम के उद्देश्यों के संदर्भ में, सूचना के अधिकार और कानूनी कार्यवाही की गोपनीयता के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- संस्थागत अखंडता: मुकदमेबाजी में प्रक्रियात्मक लाभ के लिए RTI एक्ट के इस्तेमाल को रोकना
- पारदर्शिता बनाम प्राइवेसी: सूचना तक सार्वजनिक पहुंच और क्लाइंट-एडवोकेट बातचीत की गोपनीयता के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सूचना का अधिकार · पारदर्शिता · न्यायिक निगरानी · जनहित · प्रशासनिक कानून
राजव्यवस्था एवं संविधान पर और नोट्स
- मुख्य सचिव के · 25 जनवरी 2026
- पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी · 25 जनवरी 2026
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision · 25 जनवरी 2026
- भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने मतदाता डेटा में विसंगतियों को दूर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज' (logical discrepancies) की सूची में व्यक्तियों के नाम अपलोड किए हैं · 24 जनवरी 2026
- पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के दौरान 3.5 लाख से अधिक बिना मैप किए गए (unmapped) मतदाता सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हो सके, जिसके कारण सुनवाई की समय सीमा को बढ़ा दिया गया है · 24 जनवरी 2026
- 2027 की जनगणना के बाद होने वाली आगामी परिसीमन (Delimitation) प्रक्रिया को आजादी के बाद से राजनीतिक सत्ता के सबसे महत्वपूर्ण पुनर्वितरण के रूप में देखा जा रहा है · 23 जनवरी 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।