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भाग I · स्था. 11.2025 
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तमिलनाडु की मांग के बावजूद कर्नाटक को सिर्फ 3.88 tmcft पानी छोड़ने की मंजूरी

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चर्चा में क्यों

कॉवेरी वॉटर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने कर्नाटक को 3.88 tmcft पानी जारी करने की सिफारिश को मंजूरी दी है, जबकि तमिलनाडु ने जल संकट और घटते चावल उत्पादन को कम करने के लिए 20.7 tmcft पानी की मांग की थी।

पृष्ठभूमि

कॉवेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (Cauvery Water Management Authority) ने 7 नवंबर, 2026 से शुरू होने वाले 15 दिनों के लिए 3,000 क्यूबिक फीट प्रति सेकंड की दर से 3.88 tmcft पानी छोड़ने की मंजूरी दी है। तमिलनाडु के मेट्टूर बांध में वर्तमान में 23 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (tmcft) पानी है, जबकि राज्य के 15 प्रमुख सिंचाई जलाशयों में लगभग एक-तिहाई क्षमता तक पानी उपलब्ध है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यCauvery Water Management Authority ने 7 नवंबर, 2026 से शुरू होने वाले 15 दिनों के लिए 3.88 tmcft पानी छोड़ने की पुष्टि की है।
  • तथ्यतमिलनाडु के मेट्टूर डैम में 23 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (tmcft) पानी रहता है।
  • तथ्यतमिलनाडु में Northeast मानसून के दौरान अनुमानित 236 mm के मुकाबले 240 mm बारिश दर्ज की गई।
  • तथ्यकिसानों ने सम्बा-थलाडी (samba-thaladi) खेती के सीजन के दौरान 3.62 लाख हेक्टेयर में धान की फसल उगाई है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में अंतर-राज्यीय जल साझाकरण की चुनौतियों और कृषि संबंधी आवश्यकताओं एवं पारिस्थितिक स्थिरता के बीच संतुलन स्थापित करने में वैधानिक निकायों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • अंतर-राज्यीय तनाव: कर्नाटक की पानी की उपलब्धता और तमिलनाडु की सिंचाई मांगों के बीच टकराव
  • जलवायु संवेदनशीलता: कावेरी डेल्टा में धान की खेती पर अनियमित पूर्वोत्तर मानसून पैटर्न का प्रभाव
  • संस्थागत मध्यस्थता: जल-बंटवारे के विवादों को सुलझाने में कावेरी वॉटर मैनेजमेंट अथॉरिटी की भूमिका

मुख्य शब्द: अंतर-राज्यीय जल विवाद · कवेरी वॉटर मैनेजमेंट अथॉरिटी · सम्बा-थालडी खेती · सिंचाई प्रबंधन · पानी की कमी

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · वैधानिक, नियामक एवं अर्ध-न्यायिक संस्थाएं

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।