सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश को पंजाब और हरियाणा से 11,973 MU बिजली देने की अनुमति दी
GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· फसल पैटर्न एवं सिंचाई· प्रीलिम्स + मेन्स·
चर्चा में क्यों
सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के पक्ष में फैसला सुनाते हुए, BBMB के बकाया भुगतान के निपटारे के लिए पंजाब और हरियाणा से 20 वर्षों तक 11,973 MU बिजली प्रदान करने का आदेश दिया है।
पृष्ठभूमि
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला 1966 से 7.19% की दर से बकाया बिजली शुल्क के संबंध में 2011 के एक फैसले के बाद आया है। इस व्यवस्था में भाखड़ा नांगल और ब्यास जलविद्युत परियोजनाओं से मिलने वाली बिजली शामिल है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यहिमाचल प्रदेश को पंजाब और हरियाणा से 20 साल की अवधि के लिए 11,973 MU बिजली दी गई थी।
- तथ्यपावर ड्यूज (Power Dues) को 2011 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर 7.19% की दर पर सेटल किया गया।
- संस्थाBBMB (Bhakra Beas Management Board) भाखड़ा नंगल और ब्यास हाइड्रो प्रोजेक्ट्स का प्रबंधन करता है।
- तथ्यकिशौ डैम प्रोजेक्ट की क्षमता 440 MW है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय राज्यों के मध्य अंतर-राज्यीय शक्ति-साझाकरण समझौतों के महत्व और लंबे समय से लंबित जलविद्युत बकाया (hydro-electric arrears) के विवादों को सुलझाने में न्यायिक हस्तक्षेप की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- अंतर-राज्यीय तनाव: क्षेत्रीय हाइड्रो-पावर अधिकारों और राज्य-विशिष्ट विकास प्राथमिकताओं के बीच संतुलन
- राजकोषीय संघवाद: लंबे समय से लंबित बकाया का राज्य राजस्व और इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग पर प्रभाव
- न्यायिक निगरानी: संघीय इकाइयों के बीच संसाधन वितरण विवादों को सुलझाने में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका
मुख्य शब्द: अंतर-राज्यीय विवाद · जलविद्युत ऊर्जा · संघवाद · संसाधन आवंटन · न्यायिक हस्तक्षेप
कृषि पर और नोट्स
- किसानों को कम दाम पर फसल बेचने से बचाएगा तेलंगाना का साइलो नेटवर्क · 7 नवंबर 2026
- केरल में बनेगा CALPR सेंटर, किसानों की कमाई और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा · 7 नवंबर 2026
- तमिलनाडु में किसानों के लिए फसल ऋण माफी स्कीम, 2,842.77 करोड़ मंजूर · 7 नवंबर 2026
- महाराष्ट्र में 304 सूखा प्रभावित इलाकों में चारे की फसल के लिए जमीन लीज पर · 7 नवंबर 2026
- चावल और धान के स्टॉक की जानकारी देंगे ट्रेडर्स, सेंटर ने दिए निर्देश · 7 नवंबर 2026
- तमिलनाडु में जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान के लिए मुआवजे में बढ़ोतरी · 7 नवंबर 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।