सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

2026 में CRPF जवानों की जीरो मौत, नक्सल प्रभावित जिले भी हुए जीरो

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· वामपंथी उग्रवाद· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

CRPF ने रिपोर्ट दी है कि 2026 में एक भी जवान की मौत नहीं हुई, जो सरकार द्वारा भारत में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या शून्य होने की घोषणा के साथ मेल खाती है।

पृष्ठभूमि

नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 2013 में 182 से घटकर 2026 में शून्य हो गई। 1987 और 2026 के बीच, वामपंथी उग्रवाद (Left-Wing Extremism - LWE) के कारण CRPF के 719 जवानों की मृत्यु हुई, जो मौतों का सबसे बड़ा एकल कारण रहा।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यCRPF की मौतों की संख्या 2010 में 143 के साथ अपने उच्चतम स्तर पर थी।
  • संस्थाCRPF (Central Reserve Police Force) काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशंस (counter-insurgency operations) में शामिल मुख्य फोर्स है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: पिछले एक दशक के दौरान भारत के 'रेड कॉरिडोर' में वामपंथी उग्रवाद में आई महत्वपूर्ण गिरावट के कारकों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • सुरक्षा-विकास नेक्सस: आदिवासी क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और आंतरिक सुरक्षा ऑपरेशंस के बीच तालमेल
  • इंटेलिजेंस-लेड पुलिसिंग: बड़े पैमाने के किनेटिक ऑपरेशंस से टारगेटेड इंटेलिजेंस-आधारित इंटरवेंशन की ओर बदलाव
  • सामाजिक-आर्थिक एकीकरण: माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में शिकायतों को कम करने पर सरकारी योजनाओं का प्रभाव

मुख्य शब्द: वामपंथी उग्रवाद · रेड कॉरिडोर · आंतरिक सुरक्षा · आतंकवाद विरोधी अभियान · सुरक्षा-विकास नेक्सस

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: एनडीटीवी ↗

आंतरिक सुरक्षा पर और नोट्स

सभी आंतरिक सुरक्षा करेंट अफेयर्स →

कोई गलती या कोई कमी?

किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।

गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →[email protected]

यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।