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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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UN पीसकीपर्स पर हमलों के लिए दोषियों को जवाबदेह ठहराने की भारत की मांग

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...)· प्रीलिम्स·

चर्चा में क्यों

5 नवंबर, 2026 को आयोजित एक वार्षिक चर्चा के दौरान, भारत ने UN शांति सैनिकों पर होने वाले हमलों के दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग की।

पृष्ठभूमि

भारत ने अब तक 50 UN मिशनों में 3,00,000 से अधिक सैनिकों को तैनात किया है। कर्नल तरुणेंद्र प्रताप सिंह ने रेखांकित किया कि शांति सेना (Peacekeepers) को असिमेट्रिक (Asymmetric) और तकनीकी रूप से सुसज्जित खतरों का सामना करना पड़ता है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यभारत ने अब तक 50 UN मिशनों में 3,00,000 से अधिक सैनिकों को तैनात किया है।
  • पदकर्नल तरुणेंद्र प्रताप सिंह ने शांति स्थापना (peacekeeping) के खतरों पर भारत के रुख का प्रतिनिधित्व किया।
  • संस्थाभारत ने 2028-29 टर्म के लिए अपनी Security Council उम्मीदवारी हेतु शांति स्थापना (Peacekeeping) को एक प्राथमिकता के रूप में पहचाना है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के विरुद्ध उभरते खतरों की बदलती प्रकृति और वैश्विक शांति स्थापना अभियानों में भारत की भूमिका के महत्व पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • असिमेट्रिक थ्रेट लैंडस्केप: गैर-लड़ाकू शांति सैनिकों के खिलाफ टेक्नोलॉजी-आधारित तरीकों का उदय
  • संस्थागत वकालत: शांति स्थापना में योगदान और सुरक्षा परिषद की उम्मीदवारी के बीच भारत का संबंध
  • जवाबदेही का अंतर: संघर्ष क्षेत्रों में गैर-राज्य अभिनेताओं की पहचान और उन पर मुकदमा चलाने में चुनौतियां

मुख्य शब्द: असममित खतरे · शांति स्थापना अभियान · संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद · जवाबदेही · तकनीकी रूप से सक्षम खतरे

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।