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भाग I · स्था. 11.2025 
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रेलवे की लापरवाही पर PAC सख्त, 11,478 करोड़ रुपये खर्च नहीं हुए

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चर्चा में क्यों

पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) ने रेलवे की आलोचना की है। एक ऑडिट में सामने आया कि पांच वर्षों में ₹11,478 करोड़ की ग्रांट (Grants) खर्च नहीं की गई, जिसे कमेटी ने 'अपराधिक लापरवाही' (culpable negligence) करार दिया है।

पृष्ठभूमि

177 रेलवे स्टेशनों के PAC ऑडिट से यह सामने आया है कि केवल 92 स्टेशन न्यूनतम सुविधा मानकों पर खरे उतरे। कुल बिना खर्च की गई राशि में से, अकेले 2023-24 के वित्त वर्ष में लगभग ₹6,000 करोड़ अप्रयुक्त (unutilised) रह गए।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्य₹11,478 करोड़: पांच साल की अवधि में रेलवे ग्रांट्स (Grants) की कुल बिना खर्च की गई राशि।
  • तथ्य₹6,000 करोड़: वर्ष 2023-24 की अवधि में रेलवे के अप्रयुक्त (unutilised) फंड की राशि।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कार्यान्वयन में राजकोषीय अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने में लोक लेखा समिति की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • राजकोषीय रिसाव: फंड का कम अवशोषण और 'पार्क' किया गया कैपिटल बुनियादी ढांचे के विकास में बाधा
  • अकाउंटेबिलिटी गैप: कमजोर मॉनिटरिंग मैकेनिज्म के कारण यात्री सुविधाओं के मानकों में 'अपराधिक लापरवाही'
  • ऑडिट की प्रभावशीलता: रेलवे खर्च की रियल-टाइम निगरानी बनाम पोस्ट-फ़ैक्टो ऑडिट की सीमाएं

मुख्य शब्द: राजकोषीय अनुशासन · संसदीय निगरानी · सार्वजनिक जवाबदेही · फंड का उपयोग · इंफ्रास्ट्रक्चर गवर्नेंस

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS3 · बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।