राजस्थान चुनाव आयोग को 48 घंटे के अंदर फैसला लेने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश
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सिविल सोसाइटी की भागीदारी और न्यायिक निगरानी: लोकतांत्रिक भागीदारी और चुनावी अधिकारों पर एक GS2 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान राज्य चुनाव आयोग के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें एक सिविल सोसाइटी संगठन को मतदाता जागरूकता अभियान के लिए अनुमति देने से मना कर दिया गया था। कोर्ट ने इस मामले पर 48 घंटों के भीतर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है।
पृष्ठभूमि
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली एक बेंच ने फैसला सुनाया कि मतदाता जागरूकता पहलों को प्रतिबंधित या एकाधिकार में लाने के बजाय उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। राजस्थान राज्य चुनाव आयोग (SEC) को 48 घंटों के भीतर अनुमति के अनुरोध पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया गया।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाराजस्थान राज्य चुनाव आयोग (SEC) वह संस्था है जो राज्य में चुनाव आयोजित करने और उनकी निगरानी करने के लिए जिम्मेदार है।
- पदभारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने उस बेंच की अध्यक्षता की जिसने SEC के आदेश को रद्द कर दिया।
- तथ्यसुप्रीम कोर्ट ने 48 घंटे के भीतर अनुमति के अनुरोध पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
राजस्थान राज्य में चुनाव आयोजित करने और उनकी निगरानी करने के लिए कौन सी संस्था जिम्मेदार है?
- (a)स्टेट इलेक्शन बोर्ड
- (b)भारत निर्वाचन आयोग
- (c)राजस्थान राज्य चुनाव आयोग
- (d)नेशनल इलेक्शन अथॉरिटी
उत्तर देखें
उत्तर: (c) राजस्थान राज्य चुनाव आयोग — राजस्थान राज्य चुनाव आयोग (SEC) वह संस्था है जो राज्य में चुनाव आयोजित करने और उनकी निगरानी करने के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मतदाता जागरूकता में नागरिक समाज की भागीदारी के महत्व और चुनावी अखंडता के साथ लोकतांत्रिक अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करने में निर्वाचन आयोग की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- रेगुलेटरी फ्रिक्शन: अभिव्यक्ति की आज़ादी के अधिकार और चुनावी मिसइन्फॉर्मेशन को रोकने की ज़रूरत के बीच संतुलन
- लोकतांत्रिक समावेशिता: यह सुनिश्चित करना कि गैर-पक्षपाती सिविल सोसाइटी ग्रुप बिना किसी सरकारी एकाधिकार के मतदाता शिक्षा में योगदान दे सकें
मुख्य शब्द: लोकतांत्रिक भागीदारी · सिविल सोसाइटी की भागीदारी · चुनाव की शुचिता · न्यायिक निगरानी · सूचना का अधिकार
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।