आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान Murasu का खतरा, 5 जिलों में रेड अलर्ट
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आपदा प्रबंधन और तटीय संवेदनशीलता: चक्रवात की तैयारी पर GS3 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चक्रवाती तूफान 'मुरुसु' के तट की ओर बढ़ने और एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना के कारण आंध्र प्रदेश के पांच जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है।
पृष्ठभूमि
चक्रवाती तूफान 'मुरुसु' (Murasu) के कारण आंध्र प्रदेश के तट पर 100-120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और भारी बारिश होने की संभावना है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) ने 20 मंडलों की पहचान की है, जहाँ अत्यधिक भारी वर्षा होने की आशंका है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यIMD ने 2 नवंबर के लिए SPSR नेलोर, प्रकाशम, गुंटूर, बपटला और कृष्णा जिलों को रेड अलर्ट पर रखा।
- तथ्य1 नवंबर, 2026 तक, तूफान Murasu चेन्नई से 480 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व और विशाखापट्टनम से 610 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में स्थित था।
- तथ्यअधिकारियों ने तूफान के प्रभाव को कम करने के लिए 1,688 मेडिकल टीमें और 116 रिलीफ कैंप (relief camps) तैयार किए।
- तथ्यसाइक्लोन Arnab, जिसने 28 अक्टूबर को तट से टकराया था, ने नरसापुर के पास 150 kmph तक की हवा की गति दर्ज की।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
साइक्लोनिक स्टॉर्म Murasu और अधिकारियों की प्रतिक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- IMD ने आंध्र प्रदेश के केवल तीन जिलों को रेड अलर्ट पर रखा।
- APSDMA ने 20 मंडलों की पहचान की है जहाँ अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।
- तूफान से आंध्र प्रदेश के तट पर 150-170 किमी प्रति घंटा (kmph) की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)केवल 1 और 2
- (d)केवल 1 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (b) केवल 2 — कथन 2 सही है। कथन 1 गलत है: IMD ने पांच जिलों को रेड अलर्ट पर रखा। कथन 3 गलत है: तूफान से 100-120 किमी प्रति घंटा (kmph) की हवा की गति आने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बार-बार आने वाले चक्रवाती तूफानों का सामना करने वाले तटीय राज्यों में आपदा प्रबंधन की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और सामुदायिक लचीलेपन को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरी: तेज़ हवाओं के दौरान बिजली के खंभों और तटीय इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान का खतरा
- लॉजिस्टिक कोऑर्डिनेशन: हाई-रिस्क मंडलों में मेडिकल टीमों और रिलीफ कैंप्स की तेज़ तैनाती की ज़रूरत
- मौसम की निगरानी: तूफानों के गंभीर चक्रवाती श्रेणियों में तेज़ी से बदलने को मैनेज करने के लिए रियल-टाइम ट्रैकिंग की ज़रूरत
मुख्य शब्द: चक्रवाती तूफान · आपदा प्रबंधन · अर्ली वार्निंग सिस्टम · क्लाइमेट रेजिलिएंस · तटीय संवेदनशीलता
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।