एल निनो से पानी की कमी का खतरा, सरकार ने 120 करोड़ मंजूर किए
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जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन: जल सुरक्षा और संसाधन आवंटन पर GS3 का एक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
राज्य सरकार ने एल निनो (El Nino) के कारण होने वाली संभावित जल किल्लत के दौरान निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ₹120 करोड़ स्वीकृत किए हैं।
पृष्ठभूमि
सरकार ने चार जिलों के लिए सिंगुर जलाशय से जुड़े वैकल्पिक इंतजामों के लिए ₹120 करोड़ और अन्य जिलों के लिए ₹1 करोड़ प्रति जिला स्वीकृत किए हैं। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का मानचित्रण (mapping) करने और तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए निजी बोरवेल या टैंकरों के विकल्पों की तलाश करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यसिंगूर रिज़र्व से जुड़े वैकल्पिक जल व्यवस्थाओं के लिए ₹120 करोड़ स्वीकृत।
- तथ्यअन्य जिलों के लिए प्रति जिला ₹1 करोड़ स्वीकृत।
- स्थानसिंगूर रिज़र्वॉयर (Singur reservoir)।
- विज्ञान-तकनीकएल निनो (El Nino): एक क्लाइमेट पैटर्न (climate pattern) जो संभावित जल संकट का कारण बन सकता है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
राज्य सरकार के जल प्रबंधन उपायों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- एल निनो (El Nino) एक क्लाइमेट पैटर्न है जो संभावित जल संकट का कारण बन सकता है।
- सिंगूर रिज़र्व से जुड़े प्रत्येक चार जिलों के लिए ₹1 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई।
- सरकार ने सिंगुर रिज़र्व से जुड़े जल इंतजाम के लिए ₹120 करोड़ स्वीकृत किए।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 3
- (c)केवल 1 और 3
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: नोट के अनुसार ₹120 करोड़ की राशि सिंगूर से जुड़े चार जिलों के लिए थी और अन्य जिलों के लिए ₹1 करोड़ प्रत्येक थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में एल नीनो (El Niño) प्रेरित जल संकट के कारण ग्रामीण और शहरी पेयजल सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए आवश्यक उपायों की चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: सूखा प्रभावित जिलों में अपर्याप्त जलाशय क्षमता और विकेंद्रीकृत जल भंडारण की कमी
- संसाधन प्रबंधन: कमी के दौरान कृषि सिंचाई और घरेलू पीने के पानी के बीच प्रतिस्पर्धी मांगों को संतुलित करना
मुख्य शब्द: एल नीनो · पानी की कमी · संसाधन आवंटन · क्लाइमेट रेजिलिएंस · आपदा शमन
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।