महाराष्ट्र में महिला किसानों के लिए नया बिल पास, अब ज़मीन की ज़रूरत नहीं
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कृषि में लैंगिक समावेशिता (Gender inclusivity): स्वामित्व-आधारित से गतिविधि-आधारित किसान परिभाषा की ओर बदलाव पर एक GS3 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
महाराष्ट्र ने जुलाई 2026 में 'महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक' (Women Farmers’ Empowerment Bill) पारित किया है, जिसके तहत महिलाओं को भूमि स्वामित्व की परवाह किए बिना स्वतंत्र रूप से किसान के रूप में मान्यता दी जाएगी।
पृष्ठभूमि
यह विधेयक किसान की गतिविधि-आधारित परिभाषा प्रदान करने के लिए 'महिला किसान प्रमाणपत्र' (Woman Farmer Certificate) पेश करता है। इसका उद्देश्य उन महिलाओं को कानूनी मान्यता प्रदान करना है जो कृषि गतिविधियों में संलग्न हैं लेकिन जिनके पास अपनी भूमि नहीं है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- अधिनियम / विधेयकमहिला किसान सशक्तिकरण बिल (Women Farmers’ Empowerment Bill): जुलाई 2026 में महाराष्ट्र द्वारा पारित।
- तथ्यवुमन फार्मर सर्टिफिकेट (Woman Farmer Certificate): यह भारत में किसान की गतिविधि-आधारित परिभाषा (activity-based definition) के लिए पहला लागू करने योग्य कानूनी रूप प्रदान करता है।
- स्थानमहाराष्ट्र: वह राज्य जिसने यह कानून पारित किया।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
महाराष्ट्र द्वारा पारित Women Farmers’ Empowerment Bill के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह बिल किसान की स्वामित्व-आधारित परिभाषा प्रदान करने के लिए 'Woman Farmer Certificate' पेश करता है।
- यह कानून महाराष्ट्र राज्य द्वारा जुलाई 2026 में पारित किया गया था।
- यह बिल उन महिलाओं को कानूनी मान्यता प्रदान करता है जो खेती की गतिविधियों में शामिल हैं, भले ही वे भूमि की मालिक न हों।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)केवल 3
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (d) केवल 2 और 3 — कथन 2 और 3 सही हैं। कथन 1 गलत है: यह सर्टिफिकेट एक किसान की गतिविधि-आधारित परिभाषा (activity-based definition) प्रदान करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कृषि नीति और ऋण उपलब्धता में लैंगिक समावेशिता को बढ़ाने के लिए किसानों की परिभाषा को स्वामित्व-आधारित से गतिविधि-आधारित में परिवर्तित करने की प्रक्रिया का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- संस्थागत दृश्यता: औपचारिक मान्यता महिलाओं को संस्थागत क्रेडिट और उन सब्सिडी तक पहुँच दिलाती है जो पहले ज़मीन के मालिकाना हक से जुड़ी थीं
- पॉलिसी शिफ्ट: एसेट-आधारित से लेबर-आधारित किसान पहचान की ओर बदलाव ग्रामीण भूमि स्वामित्व में संरचनात्मक जेंडर असमानताओं को दूर करता है
मुख्य शब्द: जेंडर इनक्लूसिविटी · गतिविधि-आधारित परिभाषा · संस्थागत मान्यता · संरचनात्मक असमानता · कृषि सशक्तिकरण
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।