UN सिक्योरिटी काउंसिल सीट के लिए भारत ने समुद्री सुरक्षा और AI को बनाया अहम
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समुद्री सुरक्षा और तकनीकी कूटनीति (Technological Diplomacy): भारत के बहुपक्षीय लक्ष्यों के लिए GS2 का एक महत्वपूर्ण पहलू।
चर्चा में क्यों
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, एंबेसडर हरीश परवथनेनी ने भारत की 2028-29 की गैर-स्थायी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) की सीट के लिए समुद्री सुरक्षा और AI को मुख्य प्राथमिकताओं के रूप में पहचाना है।
पृष्ठभूमि
भारत जून 2027 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) की गैर-स्थायी सदस्यता के लिए ताजिकिस्तान के साथ प्रतिस्पर्धा करेगा। यह नामांकन SAGAR विजन और इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) के साथ सहयोग पर जोर देता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थासंयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद: भारत 2028-29 के कार्यकाल के लिए एक गैर-स्थायी सीट (non-permanent seat) की मांग कर रहा है।
- तथ्यजून 2027 में सीट के लिए ताजिकिस्तान (Tajikistan) को एक प्रतियोगी के रूप में पहचाना गया है।
- स्थानSAGAR: इंडियन ओशन रीजन (Indian Ocean Region) से जुड़ा एक समुद्री विजन।
- संस्थाInformation Fusion Centre-Indian Ocean Region (IFC-IOR): समुद्री सुरक्षा (maritime security) के लिए एक प्रमुख सहयोग बिंदु।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) में गैर-स्थायी सीट के लिए भारत की दावेदारी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह बिड SAGAR विजन और IFC-IOR के साथ सहयोग पर जोर देती है।
- भारत वर्ष 2030 में एक सीट के लिए ताजिकिस्तान के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है।
- भारत ने अपने 2028-29 के लक्ष्य के लिए समुद्री सुरक्षा (maritime security) और AI को मुख्य प्राथमिकताओं के रूप में पहचाना है।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 1 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: नोट में प्रतियोगिता को जून 2027 में बताया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी को आकार देने में समुद्री सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- भू-राजनीतिक लाभ: भारत को इंडो-पैसिफिक में एक नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर के रूप में स्थापित करने के लिए सागर विज़न का इस्तेमाल
- टेक्नोलॉजिकल डिप्लोमेसी: ग्लोबल मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस के लिए टूल के रूप में AI और इंफॉर्मेशन फ्यूजन को जोड़ना
- बहुपक्षीय घर्षण: क्षेत्रीय समुद्री हितों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामूहिक सुरक्षा जनादेश के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: मैरिटाइम डोमेन अवेयरनेस · सागर विज़न · तकनीकी डिप्लोमेसी · बहुपक्षवाद · इंडो-पैसिफिक सुरक्षा
अंतर्राष्ट्रीय संबंध पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।