डिजिटल फ्रॉड में बैंक देंगे हर्जाना, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
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बैंक लायबिलिटी और KYC फ्रेमवर्क: GS3 आंतरिक सुरक्षा और डिजिटल गवर्नेंस (Digital Governance) से संबंधित एक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि यदि बैंक RBI के KYC संशोधन निर्देशों, 2026 (KYC Amendment Directions, 2026) की समीक्षा के दौरान उचित सावधानी (due diligence) बरतने में विफल रहते हैं, तो वे डिजिटल धोखाधड़ी के पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी होंगे।
पृष्ठभूमि
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बग्ची और जस्टिस वी. मोहना की एक बेंच ने 29 अक्टूबर, 2026 को यह फैसला सुनाया। अटॉर्नी जनरल ने बताया कि इस वर्ष ₹800 करोड़ के नुकसान दर्ज होने के बावजूद, डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में 50% की गिरावट आई है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाभारतीय रिज़र्व बैंक (RBI): वह संस्था जो KYC Amendment Directions, 2026 जारी करती है।
- तथ्य₹800 करोड़: इस साल डिजिटल फ्रॉड (Digital Fraud) के मामलों में रिपोर्ट की गई कुल हानि।
- तथ्य50% की गिरावट: अटॉर्नी जनरल द्वारा रिपोर्ट किए गए डिजिटल फ्रॉड (digital fraud) मामलों में कमी।
- पदआर. वेंकटरमणी: अटॉर्नी जनरल जिन्होंने धोखाधड़ी के आंकड़ों की रिपोर्ट दी।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
किस संस्था ने फैसले में उल्लिखित KYC Amendment Directions, 2026 जारी किए?
- (a)इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी
- (b)सेक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया
- (c)नेशनल हाउसिंग बैंक
- (d)भारतीय रिज़र्व बैंक
उत्तर देखें
उत्तर: (d) भारतीय रिज़र्व बैंक — यह नोट भारतीय रिज़र्व बैंक (Reserve Bank of India) को KYC Amendment Directions, 2026 जारी करने वाली संस्था के रूप में पहचानता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: साइबर-धोखाधड़ी के लिए बैंकिंग जवाबदेही सुनिश्चित करने में कानूनी और संस्थागत चुनौतियों का परीक्षण कीजिए और डिजिटल वित्तीय अपराधों को कम करने में सुदृढ़ केवाईसी (KYC) ढांचे की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- लायबिलिटी फ्रेमवर्क: अनधिकृत डिजिटल ट्रांजेक्शन रोकने में बैंकों के लिए 'ड्यू डिलिजेंस' की सीमा तय करना
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: ग्रामीण आबादी के लिए डिजिटल बैंकिंग की सुगमता के साथ सख्त KYC नियमों का संतुलन
- संस्थागत जवाबदेही: जटिल साइबर-फ्रॉड सिंडिकेट्स से नुकसान की रिपोर्टिंग और वसूली में कमियों को दूर करना
मुख्य शब्द: ड्यू डिलिजेंस · साइबर-फ्रॉड · KYC फ्रेमवर्क · बैंक लायबिलिटी · डिजिटल गवर्नेंस
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।