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भाग I · स्था. 11.2025 
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डीपफेक और फ्रॉड रोकने के लिए मेटा, एक्स. और गूगल को 31,000 ऑर्डर

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साइबर सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा: AI द्वारा निर्मित डीपफेक (deepfakes) का विनियमन और डिजिटल संप्रभुता।

चर्चा में क्यों

केंद्र ने AI द्वारा बनाए गए डीपफेक (deepfakes) और धोखाधड़ी से निपटने के लिए जनवरी से सितंबर 2026 के बीच 31,000 ऑनलाइन कंटेंट ब्लॉकिंग ऑर्डर जारी किए।

पृष्ठभूमि

ये आदेश इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 की धारा 69A के तहत जारी किए गए थे, जिनका लक्ष्य Meta, एक्स. और Google सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म्स को निशाना बनाना था। इन कार्रवाइयों के तहत ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 1,400 URLs को ब्लॉक किया गया और कॉकरोच जनता पार्टी और किसान एकता मोर्चा से संबंधित कंटेंट को हटाया गया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • अधिनियम / विधेयकInformation Technology Act, 2000 की Section 69A, केंद्र सरकार को कंटेंट ब्लॉकिंग ऑर्डर (content blocking orders) जारी करने का अधिकार देती है।
  • तथ्यजनवरी और सितंबर 2026 के बीच 31,000 ऑनलाइन कंटेंट ब्लॉकिंग ऑर्डर जारी किए गए।
  • तथ्यपहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान 1,400 URLs को ब्लॉक किया गया।
  • तथ्यब्लॉकिंग ऑर्डर्स के लिए टारगेटेड प्लेटफॉर्म्स में मेटा (Meta), एक्स. और गूगल (Google) शामिल थे।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

Information Technology Act, 2000 के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में 1,400 URLs को ब्लॉक किया गया था।
  2. जनवरी और सितंबर 2026 के बीच कुल 1,400 कंटेंट ब्लॉकिंग ऑर्डर (content blocking orders) जारी किए गए।
  3. धारा (Section) 69A केंद्र सरकार को कंटेंट ब्लॉकिंग ऑर्डर जारी करने का अधिकार देती है।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: 31,000 कंटेंट ब्लॉकिंग ऑर्डर्स (content blocking orders) जारी किए गए थे।

मेन्स के लिए

प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) द्वारा निर्मित 'डीपफेक' को विनियमित करने में आने वाली चुनौतियों और भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर 'कंटेंट ब्लॉकिंग' (सामग्री अवरोधन) आदेशों के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: डिजिटल फ्री स्पीच की सुरक्षा और AI-आधारित फ्रॉड को रोकने के बीच संतुलन
  • तकनीकी कमी: रियल-टाइम में परिष्कृत AI-जनरेटेड कंटेंट की पहचान और फ़िल्टरिंग में मुश्किल
  • प्लेटफ़ॉर्म जवाबदेही: हानिकारक कंटेंट होस्ट करने के लिए मेटा और गूगल जैसे इंटरमीडियरीज की लायबिलिटी तय करना

मुख्य शब्द: डीपफेक्स · साइबर सिक्योरिटी · इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट · कंटेंट मॉडरेशन · डिजिटल संप्रभुता

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: एनडीटीवी ↗यह भी: GS2 · ई-गवर्नेंस एवं नागरिक सेवाएं

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।