यमुना में प्रदूषण के बावजूद दिल्ली शुरू करेगी क्रूज सर्विस
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जल गुणवत्ता मानक और शहरी नदी प्रबंधन: एक GS3 पर्यावरण और पारिस्थितिकी (Environment and Ecology) केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने यमुना नदी में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) और फेकल कोलिफॉर्म के स्तर में भारी बढ़ोतरी दर्ज की है, जबकि दिल्ली सरकार एक क्रूज सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रही है।
पृष्ठभूमि
जुलाई 2025 में यमुना नदी का BOD (Biochemical Oxygen Demand) स्तर 70 mg/l तक पहुंच गया, जो कि निर्धारित 3 mg/l की सीमा से काफी अधिक है। असरपुर में फेकल कोलिफॉर्म (Faecal coliform) का स्तर 38,000 MPN तक पहुंच गया, जो कि 2,500 MPN की निर्धारित सीमा से कहीं अधिक है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्ययमुना के लिए BOD लिमिट: 3 mg/l।
- तथ्यफेकल कोलिफॉर्म (Faecal coliform) की सीमा: 2,500 MPN।
- तथ्यBOD का पीक जुलाई 2025 में रिकॉर्ड किया गया: 70 mg/l।
- स्थानअस्गरपुर: 38,000 MPN का फेकल कोलिफॉर्म (faecal coliform) रिकॉर्ड किया गया।
- स्थानइंटर-स्टेट बस टर्मिनल ब्रिज: 30 mg/l की BOD रिकॉर्ड की गई।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
यमुना नदी के लिए निर्धारित बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (Biochemical Oxygen Demand - BOD) की सीमा क्या है?
- (a)7 मिलीग्राम/लीटर
- (b)3 मिलीग्राम/लीटर
- (c)15 मिलीग्राम/लीटर
- (d)10 मिलीग्राम/लीटर
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 3 मिलीग्राम/लीटर — नोट में उल्लेख है कि यमुना का BOD 70 mg/l तक पहुंच गया था, जो 3 mg/l की निर्धारित सीमा से काफी अधिक है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शहरी विकास और पर्यटन पहलों के बावजूद यमुना नदी के पारिस्थितिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- रेगुलेटरी विरोधाभास: कानूनी जल गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में विफल रहते हुए पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता की कमी से हाई फेकल कोलिफॉर्म और BOD लेवल
- निगरानी की सीमाएं: पल्ला और असगरपुर जैसे अलग-अलग पॉइंट्स पर प्रदूषण के स्तर में अंतर
मुख्य शब्द: बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड · फेकल कोलीफॉर्म · जल गुणवत्ता मानक · अर्बन रिवर मैनेजमेंट · प्रदूषण कम करना
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।