2028 कांग्रेस ऑफ रिलिजिन्स की तैयारी, कज़ाकिस्तान की मीटिंग में शामिल हुआ भारत
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GS2 के संदर्भ में सॉफ्ट पावर और कट्टरपंथ (Extremism) के खिलाफ एक उपकरण के रूप में आध्यात्मिक कूटनीति (Spiritual diplomacy) और अंतरधार्मिक संवाद (Interfaith dialogue)।
चर्चा में क्यों
भारत ने 'विश्व और पारंपरिक धर्मों के नेताओं के 2028 कांग्रेस' (Congress of Leaders of World and Traditional Religions) की तैयारी के लिए कजाकिस्तान सचिवालय की बैठक में हिस्सा लिया। यह पहल आध्यात्मिक कूटनीति (Spiritual Diplomacy) और कट्टरपंथ का मुकाबला करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
पृष्ठभूमि
विश्व और पारंपरिक धर्मों के नेताओं का कांग्रेस (Congress of Leaders of World and Traditional Religions) वर्ष 2003 में पूर्व राष्ट्रपति नूर सुल्तान नजरबायेव के नेतृत्व में अस्ताना में शुरू किया गया था। वर्ष 2028 का कांग्रेस जलवायु परिवर्तन, AI नैतिकता (AI ethics) और बाल अधिकारों सहित वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेगा।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- स्थानअस्ताना: कजाकिस्तान का वह शहर जहाँ 'कांग्रेस ऑफ लीडर्स ऑफ वर्ल्ड एंड ट्रेडिशनल रिलिजन्स' (Congress of Leaders of World and Traditional Religions) की मेजबानी की जाती है।
- तथ्य2028: 'कांग्रेस ऑफ लीडर्स ऑफ वर्ल्ड एंड ट्रेडिशनल रिलिजीयन्स' (Congress of Leaders of World and Traditional Religions) के अगले आयोजन के लिए लक्ष्य वर्ष।
- तथ्य2003: वह वर्ष जब Congress of Leaders of World and Traditional Religions की शुरुआत हुई।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
विश्व और पारंपरिक धर्मों के नेताओं के कांग्रेस (Congress of Leaders of World and Traditional Religions) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- कांग्रेस का लक्ष्य क्लाइमेट चेंज और AI एथिक्स जैसे वैश्विक मुद्दों को संबोधित करना है।
- अगली Congress 2025 में आयोजित होने वाली है।
- कांग्रेस की शुरुआत 2003 में अस्ताना (Astana) में हुई थी।
- (a)केवल 3
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 1 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: अगली Congress के लिए लक्ष्य वर्ष 2028 है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: समकालीन भू-राजनीतिक परिदृश्य में अंतर-धार्मिक संवाद को बढ़ावा देने और वैश्विक उग्रवाद का मुकाबला करने के लिए एक उपकरण के रूप में 'आध्यात्मिक कूटनीति' की भूमिका की चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- सॉफ्ट पावर का लाभ: गैर-पारंपरिक गठबंधन बनाने के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक कूटनीति का इस्तेमाल
- कट्टरपंथ कम करना: अंतरधार्मिक सहयोग और साझा नैतिक ढांचों के जरिए कट्टरपंथ को रोकना
- ग्लोबल गवर्नेंस: मल्टी-फ़ेथ डिप्लोमैटिक एजेंडा में AI एथिक्स और क्लाइमेट चेंज को जोड़ना
मुख्य शब्द: आध्यात्मिक डिप्लोमेसी · अंतरधार्मिक संवाद · आतंकवाद विरोधी · सॉफ्ट पावर · बहुपक्षवाद
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