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भाग I · स्था. 11.2025 
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ISRO प्राइवेट नहीं होगा, चेयरमैन वी. नारायणन ने दी बड़ी जानकारी

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)· प्रीलिम्स·

सार्वजनिक-निजी भागीदारी बनाम संप्रभु हित: GS3 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और शासन (Governance) से संबंधित एक केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

ISRO के चेयरमैन वी. नारायणन ने स्पष्ट किया कि अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी क्षेत्र की बढ़ती व्यावसायिक भागीदारी के बावजूद, ISRO एक सार्वजनिक संस्था बनी रहेगी और इसका निजीकरण नहीं किया जाएगा।

पृष्ठभूमि

ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन ने 24 अक्टूबर, 2026 को एजेंसी की गैर-निजीकरण स्थिति की पुष्टि की। एजेंसी NVS-03 को 30 अक्टूबर को लॉन्च करने वाली है और चंद्रयान-4 मिशन के लिए 2028 का लक्ष्य रखा गया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकNVS-03: ISRO द्वारा 30 अक्टूबर, 2026 के लिए निर्धारित एक लॉन्च।
  • तथ्यचंद्रयान-4: इसे 2028 में लॉन्च करने की योजना है।
  • तथ्यइंडियन स्पेस पॉलिसी (Indian Space Policy): निजी क्षेत्र की भागीदारी के संबंध में ISRO द्वारा उद्धृत नीतिगत ढांचा।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

ISRO और भारत के स्पेस सेक्टर (space sector) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. ISRO ने NVS-03 को 30 अक्टूबर, 2026 को लॉन्च करने की योजना बनाई है।
  2. चंद्रयान-4 मिशन को 2028 में लॉन्च करने की योजना है।
  3. स्पेस सेक्टर में कमर्शियल इनवॉल्वमेंट बढ़ाने के लिए ISRO का निजीकरण (privatisation) किया जाएगा।
  1. (a)केवल 3
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (b) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: यह एजेंसी एक पब्लिक एंटिटी (public entity) बनी रहेगी।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय अंतरिक्ष नीति, 2023 के संदर्भ में भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में राज्य-नेतृत्व वाले अंतरिक्ष अन्वेषण और निजी क्षेत्र की भागीदारी के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: महत्वपूर्ण स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर में राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभु हितों को सुनिश्चित करना
  • मार्केट डायनेमिक्स: पब्लिक-सेक्टर R&D और प्राइवेट-सेक्टर कमर्शियल स्केलेबिलिटी और इन्वेस्टमेंट के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी फ्रेमवर्क: सार्वजनिक निगरानी बनाए रखते हुए निजी व्यावसायिक भागीदारी की सीमाओं को परिभाषित करना

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · स्पेस इकोनॉमी · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · संप्रभु हित

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।