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भाग I · स्था. 11.2025 
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यूक्रेन युद्ध पर ओस्लो में शांति वार्ता, यूरी उशाकोव ने नतीजों को बताया बेकार

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· भारत के द्विपक्षीय संबंध· प्रीलिम्स·

त्रिपक्षीय कूटनीति और तीसरे पक्ष की मध्यस्थता: संघर्ष समाधान पर GS2 का एक प्रमुख पहलू।

चर्चा में क्यों

रूसी अधिकारी यूरी उशाकोव ने ओस्लो शांति वार्ता को 'उपयोगी नहीं' बताया है, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने चीन में संभावित त्रिपक्षीय वार्ता के बीच कुछ प्रतिबंधों को रोक दिया है।

पृष्ठभूमि

यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए ओस्लो में वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और स्टीव विटकोफ सहित अन्य प्रतिनिधियों की बैठक हुई। अगले महीने चीन में होने वाले APEC शिखर सम्मेलन के दौरान व्लादिमीर पुतिन, डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच एक संभावित त्रिपक्षीय बैठक का प्रस्ताव दिया गया है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • स्थानओस्लो: यूक्रेन और यूरोपीय प्रतिनिधियों के बीच शांति वार्ता (peace talks) का स्थान।
  • पदस्टीव विटकोफ: ओस्लो शांति वार्ता (Oslo peace talks) में शामिल प्रतिनिधि।
  • संस्थाAPEC: चीन में होने वाले शिखर सम्मेलन का मेजबान, जहाँ एक त्रिपक्षीय बैठक (trilateral meeting) हो सकती है।
  • तथ्यडोनाल्ड ट्रंप: कूटनीतिक बदलाव के हिस्से के रूप में कुछ प्रतिबंधों को रोक दिया।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

शांति वार्ता और कूटनीतिक घटनाक्रमों (diplomatic developments) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यूरी उशाकोव ने ओस्लो शांति वार्ता (Oslo peace talks) को एक अत्यधिक उपयोगी डिप्लोमैटिक ब्रेकथ्रू (diplomatic breakthrough) बताया।
  2. वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और स्टीव विटकोफ सहित प्रतिनिधियों ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने पर चर्चा करने के लिए ओस्लो में मुलाकात की।
  3. चीन में होने वाले APEC समिट के दौरान पुतिन, ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक (trilateral meeting) का प्रस्ताव है।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (d) केवल 2 और 3 — कथन 2 और 3 सही हैं। कथन 1 गलत है: उशाकोव (Ushakov) ने ओस्लो शांति वार्ता (Oslo peace talks) को उपयोगी न मानते हुए खारिज कर दिया था।

मेन्स के लिए

प्रश्न: यूक्रेन युद्ध जैसे दीर्घकालिक भू-राजनीतिक संघर्षों को सुलझाने में तृतीय-पक्ष मध्यस्थता और त्रिपक्षीय कूटनीति की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • भू-राजनीतिक लाभ: पश्चिमी शक्तियों और रूस के बीच मध्यस्थ के रूप में चीन की भूमिका
  • प्रतिबंधों की प्रभावशीलता: डिप्लोमैटिक बारगेनिंग पावर पर बदलते प्रतिबंधों का असर
  • बहुपक्षीय घर्षण: यूरोपीय प्रतिनिधियों और रूसी अधिकारियों के बीच अलग-अलग हित

मुख्य शब्द: त्रिपक्षीय कूटनीति · प्रतिबंध शासन · भू-राजनीतिक मध्यस्थता · शांति वार्ता · बहुपक्षवाद

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: बीबीसी ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।