सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

OIC के प्रस्तावों को भारत ने नकारा, पाकिस्तान पर प्रोपेगेंडा चलाने का आरोप

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· भारत के द्विपक्षीय संबंध· प्रीलिम्स + मेन्स·

बहुपक्षीय कूटनीति और नैरेटिव वॉरफेयर (Narrative Warfare): GS2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध का एक केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारत के संबंध में OIC के प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर और लद्दाख के संबंध में 'दुर्भावनापूर्ण' प्रचार (Propaganda) आयोजित किया है।

पृष्ठभूमि

OIC विदेश मंत्रियों की बैठक 17-18 अक्टूबर, 2026 को बगदाद में आयोजित की गई। MEA ने मांग की कि पाकिस्तान कब्जे वाले क्षेत्रों को खाली करे और सीमा पार आतंकवाद को बंद करे।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाOIC: ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (Organization of Islamic Cooperation)।
  • स्थानबगदाद: OIC काउंसिल ऑफ फॉरेन मिनिस्टर्स की मीटिंग की मेजबान शहर।
  • तथ्यMEA ने 17-18 अक्टूबर, 2026 को अपनाए गए प्रस्तावों में भारत के संदर्भों को खारिज कर दिया।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

OIC काउंसिल ऑफ फॉरेन मिनिस्टर्स की मीटिंग के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह मीटिंग अक्टूबर 2025 में हुई।
  2. यह मीटिंग बगदाद में आयोजित की गई थी।
  3. भारत ने जम्मू और कश्मीर के संबंध में प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया।
  1. (a)केवल 2
  2. (b)केवल 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (a) केवल 2 — स्टेटमेंट 2 सही है। स्टेटमेंट 1 गलत है: बैठक अक्टूबर 2026 में हुई थी। स्टेटमेंट 3 गलत है: भारत ने प्रस्तावों को खारिज कर दिया और दुर्भावनापूर्ण प्रोपेगेंडा (malicious propaganda) का आरोप लगाया।

मेन्स के लिए

प्रश्न: इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) जैसे बहुपक्षीय संगठनों का भारत के पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों और मध्य पूर्व में भारत की राजनयिक स्थिति पर पड़ने वाले प्रभाव का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन: क्षेत्रीय दावों को पेश करने के लिए पाकिस्तान द्वारा मल्टीलैटरल फ़ोरम का इस्तेमाल
  • सुरक्षा-डिप्लोमेसी नेक्सस: भारत की क्षेत्रीय पड़ोसी नीति पर सीमा पार आतंकवाद का प्रभाव
  • प्रोपेगेंडा वॉरफेयर: अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में नैरेटिव-आधारित डिप्लोमेसी का मुकाबला करने में चुनौतियां

मुख्य शब्द: बहुपक्षवाद · सीमा पार आतंकवाद · संप्रभुता · नैरेटिव वॉरफेयर · द्विपक्षीय संबंध

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS3 · आतंकवाद एवं उग्रवाद (जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर)

अंतर्राष्ट्रीय संबंध पर और नोट्स

सभी अंतर्राष्ट्रीय संबंध करेंट अफेयर्स →

कोई गलती या कोई कमी?

किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।

गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →[email protected]

यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।