उल्लाल की आज़ादी के लिए रानी अब्बक्का चोता ने पुर्तगालियों को दिया टक्कर
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क्षेत्रीय प्रतिरोध और समुद्री इतिहास: GS1 इतिहास और संस्कृति के लिए एक प्रासंगिक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर द आर्ट्स ने 16वीं शताब्दी में पुर्तगाली विस्तार के खिलाफ रानी अब्बक्का चोता के प्रतिरोध और उल्लाल की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उन्हें कर (tribute) देने से उनके इनकार पर प्रकाश डाला।
पृष्ठभूमि
16वीं शताब्दी में उल्लाल की रानी अब्बक्का चोटा ने एडमिरल डोम अल्वारो दा सिल्वेरा के नेतृत्व वाले पुर्तगाली विस्तार का विरोध किया था। 1568 में एक जवाबी हमले के बाद, आंतरिक विश्वासघात के कारण उन्हें बंदी बना लिया गया था। 2009 में, भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने उनके सम्मान में एक जहाज का नाम रखा।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- स्थानउल्लाल: रानी अब्बक्का चोउटा द्वारा पुर्तगाली विस्तार के खिलाफ बचाव किया गया राज्य।
- पदएडमिरल डोम अल्वारो दा सिल्वेरा: पुर्तगाली नेता जिन्होंने उल्लाल के खिलाफ विस्तार का नेतृत्व किया।
- तथ्य1568: वह वर्ष जब जवाबी हमले के परिणामस्वरूप रानी अब्बक्का चोटा को पकड़ लिया गया था।
- संस्थाइंडियन कोस्ट गार्ड: 2009 में रानी अब्बक्का चोट्टा के नाम पर एक वेसल (vessel) का नामकरण किया गया।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
रानी अब्बक्का चोवटा और पुर्तगाली विस्तार के विरुद्ध प्रतिरोध के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- उल्लाल के खिलाफ पुर्तगाली विस्तार का नेतृत्व एडमिरल डोम अल्वारो दा सिल्वेइरा (Dom Álvaro da Silveira) ने किया था।
- रानी अब्बक्का चोवटा को वर्ष 1560 में एक काउंटर-अटैक (counterattack) के बाद पकड़ लिया गया था।
- रानी अब्बक्का चोवटा ने पुर्तगाली विस्तार के खिलाफ उल्लाल के साम्राज्य की रक्षा की।
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)केवल 1 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: नोट में उल्लेख है कि वह 1568 में एक काउंटर-अटैक (counterattack) के बाद पकड़ी गई थीं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आधुनिक काल के प्रारंभिक दौर में भारत में औपनिवेशिक विस्तार को बाधित करने में क्षेत्रीय प्रतिरोध आंदोलनों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- असिमेट्रिक वॉरफेयर: यूरोपीय नौसेना की बेहतर तकनीक का मुकाबला करने के लिए स्थानीय भूगोल और समुद्री जानकारी का इस्तेमाल
- संप्रभुता बनाम कर: स्वदेशी स्वायत्तता और अधीनता के लिए औपनिवेशिक मांगों के बीच वैचारिक संघर्ष
मुख्य शब्द: औपनिवेशिक प्रतिरोध · समुद्री इतिहास · संप्रभुता · क्षेत्रीय नेतृत्व · पुर्तगाली विस्तार
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।