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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत-चेक रिपब्लिक डिफेंस सहयोग बढ़ा, BEML और चेक टीम की मीटिंग

GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· भारत के द्विपक्षीय संबंध· प्रीलिम्स·

रक्षा सहयोग और प्रिसिजन इंजीनियरिंग (Precision Engineering): GS2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध और आत्मनिर्भर भारत का एक केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

BEML और चेक रिपब्लिक के एक प्रतिनिधिमंडल ने, जिसका नेतृत्व कारेल हवलिचेक (Karel Havlíček) ने किया, प्रेसिजन इंजीनियरिंग (precision engineering) में सहयोग पर चर्चा की। यह चर्चा तब हुई जब भारत और चेक रिपब्लिक ने जॉइंट वेंचर्स (joint ventures) के माध्यम से रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।

पृष्ठभूमि

BEML और एक चेक प्रतिनिधिमंडल ने औद्योगिक मशीनरी और प्रिसिजन इंजीनियरिंग (precision engineering) पर चर्चा करने के लिए 15 अक्टूबर, 2026 को बैठक की। कारेल हवलिचेक ने भारत-चेक संयुक्त रक्षा समिति के माध्यम से रक्षा सहयोग के विस्तार के लिए 13 अक्टूबर, 2026 को राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • पदकारेल हवलिचेक (Karel Havlíček): डिफेंस और प्रिसिजन इंजीनियरिंग (precision engineering) वार्ता के लिए चेक रिपब्लिक के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
  • संस्थाइंडिया-चेक जॉइंट डिफेंस कमेटी (India–Czech Joint Defence Committee): द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए प्राथमिक निकाय।
  • तथ्यBEML: चेक टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स के साथ प्रिसिजन इंजीनियरिंग और इंडस्ट्रियल मशीनरी में सहयोग पर चर्चा की।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

भारत और चेक रिपब्लिक के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग (bilateral defence cooperation) को बढ़ाने के लिए प्राथमिक तंत्र कौन सी संस्था है?

  1. (a)इंडिया-चेक ट्रेड काउंसिल
  2. (b)भारत-चेक जॉइंट डिफेंस कमेटी
  3. (c)चेक-इंडिया इंडस्ट्रियल फोरम
  4. (d)द्विपक्षीय डिफेंस एडवाइजरी बोर्ड
उत्तर देखें

उत्तर: (b) भारत-चेक जॉइंट डिफेंस कमेटी — यह नोट भारत-चेक जॉइंट डिफेंस कमेटी (India–Czech Joint Defence Committee) को द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए प्राथमिक निकाय के रूप में पहचानता है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और सटीक इंजीनियरिंग (प्रिसिजन इंजीनियरिंग) में संयुक्त उद्यम किस प्रकार एयरोस्पेस और औद्योगिक मशीनरी क्षेत्रों में भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्यों को सुदृढ़ कर सकते हैं, चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: इंडस्ट्रियल मशीनरी पर आयात निर्भरता कम करने के लिए चेक प्रिसिजन इंजीनियरिंग का इस्तेमाल
  • स्ट्रेटेजिक सिनर्जी: जॉइंट वेंचर्स के जरिए स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए इंडिया-चेक जॉइंट डिफेंस कमेटी का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: जॉइंट वेंचर · प्रिसिजन इंजीनियरिंग · रक्षा सहयोग · इंडस्ट्रियल मशीनरी · तकनीकी हस्तांतरण

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS3 · रक्षा तकनीकयह भी: GS3 · उद्योग, निवेश एवं MSME

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।