दिल्ली विरोध प्रदर्शन पर UN की टिप्पणी को भारत ने नकारा
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संप्रभुता बनाम अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार तंत्र: GS2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध और एथिक्स (Ethics) का एक प्रमुख विषय।
चर्चा में क्यों
भारत के स्थायी मिशन ने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों पर UN हाई कमिश्नर की टिप्पणियों को खारिज कर दिया है। भारत ने UN पर राजनीतिकरण और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया है।
पृष्ठभूमि
भारत में वन अधिकार अधिनियम (Forest Rights Act) के तहत 5.4 मिलियन से अधिक दावे दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 80% से अधिक पर निर्णय हो चुका है। सरकार ने एक अरब से अधिक लोगों तक पहुँचने वाले सामाजिक सुरक्षा उपायों पर जोर दिया, जिसमें 800 मिलियन नागरिकों के लिए मुफ्त खाद्यान्न शामिल है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाUNGA थर्ड कमेटी (Third Committee): वह कमेटी जहाँ भारत ने ह्यूमन राइट्स काउंसिल (Human Rights Council) की रिपोर्ट के संबंध में अपना बयान दिया।
- तथ्यफॉरेस्ट राइट्स एक्ट (Forest Rights Act): 80% निर्णय दर के साथ 5.4 मिलियन से अधिक दावे दर्ज किए गए।
- तथ्यसोशल प्रोटेक्शन: 800 मिलियन नागरिकों को मुफ्त अनाज और 600 मिलियन नागरिकों को मुफ्त हेल्थ कवर प्रदान किया गया।
- पदअनुज स्वरूप: परमानेंट मिशन ऑफ इंडिया में फर्स्ट सेक्रेटरी।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
फॉरेस्ट राइट्स एक्ट (Forest Rights Act) के तहत, नागरिकों द्वारा दायर किए गए दावों की रिपोर्ट की गई स्थिति क्या है?
- (a)95% से ज़्यादा तय किया गया
- (b)80% से ज़्यादा तय किया गया
- (c)70% से ज़्यादा तय किया गया
- (d)50% से ज़्यादा तय किया गया
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 80% से ज़्यादा तय किया गया — नोट के अनुसार, Forest Rights Act के तहत 5.4 मिलियन से अधिक दावे दायर किए गए, जिनमें से 80% से अधिक पर फैसला हो चुका है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार तंत्रों के संदर्भ में, सार्वभौमिक मानवाधिकार मानकों और राष्ट्रीय संप्रभुता के सिद्धांत के मध्य उत्पन्न होने वाले अंतर्विरोध का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- संप्रभुता बनाम हस्तक्षेप: UN मानवाधिकार निगरानी और आंतरिक मामलों में गैर-हस्तक्षेप पर भारत के रुख के बीच टकराव
- सांस्कृतिक सापेक्षवाद: यूनिवर्सल ह्यूमन राइट्स फ्रेमवर्क के मुकाबले 'सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भों' का सम्मान करने के लिए भारत का तर्क
- संस्थागत राजनीतिकरण: UN मानवाधिकार तंत्र की निष्पक्षता और मानकों के चयनात्मक इस्तेमाल पर चिंताएं
मुख्य शब्द: संप्रभुता · मानवाधिकार · राजनीतिकरण · सांस्कृतिक लोकाचार · सामाजिक सुरक्षा · गैर-हस्तक्षेप
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।