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भाग I · स्था. 11.2025 
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कर्नाटक के PDS लाभार्थियों के लिए 20 अक्टूबर तक e-KYC ज़रूरी

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खाद्य सुरक्षा में ई-गवर्नेंस: डिजिटल समावेशन और PDS दक्षता पर एक GS3 केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

कर्नाटक के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री ने 'अन्न सेवा' ऐप लॉन्च किया है, जिसके तहत 20 अक्टूबर तक PDS लाभार्थियों के लिए e-KYC अनिवार्य किया जाएगा।

पृष्ठभूमि

'अन्ना सेवा' ऐप को नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (National Informatics Centre) और ई-गवर्नेंस विभाग द्वारा कर्नाटक के 2,67,64,276 PDS लाभार्थियों के लिए ई-KYC की प्रक्रिया को सुगम बनाने हेतु विकसित किया गया है। इस ऐप के कवरेज को 14 अक्टूबर को आठ जिलों से बढ़ाकर राज्य के सभी जिलों तक विस्तारित कर दिया गया।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थानेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (National Informatics Centre - NIC): 'अन्न सेवा' (Anna Seve) ऐप विकसित करने के लिए जिम्मेदार।
  • तथ्यकर्नाटक में PDS लाभार्थियों की कुल संख्या: 2,67,64,276।
  • तथ्य12 अक्टूबर तक पूरे हुए e-KYCs: 2,06,76,278।
  • स्थानकर्नाटक: PDS वेरिफिकेशन के लिए ‘अन्न सेवा’ (Anna Seve) ऐप लागू करने वाला राज्य।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

कर्नाटक के PDS लाभार्थियों के लिए 'Anna Seve' ऐप विकसित करने के लिए कौन सी संस्था जिम्मेदार थी?

  1. (a)इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया
  2. (b)स्टेट इंफॉर्मेशन ब्यूरो
  3. (c)डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड
  4. (d)नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर
उत्तर देखें

उत्तर: (d) नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर — नोट में उल्लेख है कि Anna Seve ऐप विकसित करने के लिए National Informatics Centre (NIC) जिम्मेदार था।

मेन्स के लिए

प्रश्न: ई-केवाईसी (e-KYC) और 'अन्नसेवा' जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्मों का एकीकरण खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की दक्षता को किस प्रकार बढ़ा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • डेटा इंटीग्रिटी: रियल-टाइम बायोमेट्रिक/डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए घोस्ट बेनिफिशियरीज को कम करना
  • डिजिटल डिवाइड: ई-केवाईसी प्रक्रियाओं में ग्रामीण और बुजुर्ग PDS लाभार्थियों के लिए पहुंच की चुनौतियां
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: दूरदराज के जिलों में स्थिर इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच पर निर्भरता

मुख्य शब्द: खाद्य सुरक्षा · ई-गवर्नेंस · सार्वजनिक वितरण प्रणाली · डिजिटल इन्क्लूजन · डेटा इंटीग्रिटी

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · ई-गवर्नेंस एवं नागरिक सेवाएंयह भी: GS2 · गरीबी, भूख एवं पोषण

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।