RBI ने नॉन-डिलीवरेबल रुपया डेरिवेटिव्स पर नई गाइडलाइंस जारी की
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करेंसी हेजिंग और मौद्रिक नीति: विनिमय दर में उतार-चढ़ाव (Exchange rate volatility) के प्रबंधन पर एक GS3 केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
RBI ने घोषणा की है कि अब बैंक और प्राइमरी डीलर्स केवल हेजिंग (hedging) के उद्देश्य से नॉन-डिलीवरेबल रुपया डेरिवेटिव्स (non-deliverable rupee derivatives) की पेशकश कर सकते हैं, जिसके लिए 20% दैनिक कैश रिजर्व अनिवार्य होगा।
पृष्ठभूमि
RBI के निर्देशों के अनुसार, अधिकृत डीलरों (Authorised Dealers) के लिए यह अनिवार्य है कि वे रुपये की करेंसी कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए कुल राशि का 20% कैश रिजर्व प्रतिदिन बनाए रखें। नॉन-डिलीवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स का निपटान कैश में होता है, जो आमतौर पर डॉलर में होता है और इसमें रुपये का भौतिक आदान-प्रदान नहीं किया जाता है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यऑथोराइज्ड डीलर्स को नॉन-डिलीवरेबल रुपया डेरिवेटिव्स (non-deliverable rupee derivatives) के लिए नॉमिनल अमाउंट का 20% डेली कैश रिज़र्व मेंटेन करना होगा।
- संस्थाRBI बैंकों और प्राइमरी डीलर्स (Primary Dealers) द्वारा नॉन-डिलीवरेबल रुपया डेरिवेटिव्स (non-deliverable rupee derivatives) की पेशकश को रेगुलेट करता है।
- तथ्यनॉन-डिलीवरेबल डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स (Non-deliverable derivative contracts) का सेटलमेंट कैश में होता है, जो आमतौर पर डॉलर में होता है और इसमें रुपये का लेन-देन नहीं होता।
- तथ्यअक्टूबर 2026 की घोषणा से पिछले एक साल के दौरान रुपया 6% से अधिक गिर गया।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
नॉन-डिलीवेरेबल रुपया (non-deliverable rupee) डेरिवेटिव्स के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- RBI इन डेरिवेटिव्स (derivatives) के उपयोग की अनुमति केवल सट्टा (speculative) उद्देश्यों के लिए देता है।
- ये डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स (derivative contracts) कैश में सेटल किए जाते हैं, जो आमतौर पर डॉलर में होते हैं, और इनमें रुपये का फिजिकल एक्सचेंज नहीं होता है।
- ऑथोराइज्ड डीलर्स (Authorised dealers) के लिए नॉमिनल अमाउंट (notional amount) का 50% डेली कैश रिज़र्व बनाए रखना अनिवार्य है।
- (a)केवल 2
- (b)केवल 1 और 2
- (c)केवल 2 और 3
- (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें
उत्तर: (a) केवल 2 — स्टेटमेंट 2 सही है। स्टेटमेंट 1 गलत है: RBI इन डेरिवेटिव्स (derivatives) को केवल हेजिंग (hedging) उद्देश्यों के लिए अनुमति देता है। स्टेटमेंट 3 गलत है: RBI के मैंडेट के अनुसार 20% डेली कैश रिज़र्व की आवश्यकता होती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था में मुद्रा की अस्थिरता और पूंजी के बहिर्वाह को प्रबंधित करने में गैर-वितरण योग्य डेरिवेटिव्स (non-deliverable derivatives) और केंद्रीय बैंक की आरक्षित आवश्यकताओं (reserve requirements) की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- लिक्विडिटी मैनेजमेंट: 20% डेली कैश रिजर्व की लागत और करंट-अकाउंट एक्सपोजर को हेज करने की ज़रूरत के बीच संतुलन
- मार्केट इंटरवेंशन: सट्टा डेरिवेटिव इस्तेमाल को सीमित करने और गहरे, लिक्विड करेंसी मार्केट को बनाए रखने के बीच ट्रेड-ऑफ
मुख्य शब्द: मौनेटरी पॉलिसी · करेंसी हेजिंग · नॉन-डिलीवरेबल डेरिवेटिव्स · पूंजी का बाहर जाना · विदेशी मुद्रा जोखिम
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।