मुंबई के पास इंडियन नेवी ने शामिल किया INS मंगरोल, तीसरा एंटी-सबमरीन क्राफ्ट
GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· Security forces & agencies· Prelims·
चर्चा में क्यों
मुंबई के पास समुद्री सुरक्षा को मजबूत करनेके लिए भारतीय नौसेना ने INS Mangrol को शामिल किया है। यह इसका तीसरा एंटी-सबमरीन (anti-submarine) शालो वॉटर क्राफ्ट है।
पृष्ठभूमि
INS Mangrol का निर्माण Cochin Shipyard Limited (CSL) द्वारा 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री (indigenous content) के साथ किया गया है। इस जहाज को 22 अगस्त, 2026 को वितरित किया गया था और इसमें Abhay सोनार और Mareech सिस्टम शामिल हैं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाकोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard Limited) वह शिपबिल्डिंग इकाई है जिसने INS मंग्रोल (Mangrol) का निर्माण किया।
- विज्ञान-तकनीकINS Mangrol एंटी-सबमरीन वारफेयर (anti-submarine warfare) के लिए Abhay सोनार और Mareech सिस्टम से लैस है।
- तथ्यINS Mangrol में 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री (indigenous content) है।
- स्थानइस वेसल (vessel) को मुंबई के तट से शामिल किया गया था।
मेन्स के लिए
Q. भारत की समुद्री सुरक्षा और नौसैनिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने में स्वदेशी जहाज निर्माण और 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Strategic autonomy: Reducing reliance on foreign shipbuilders for critical anti-submarine warfare assets
- Industrial synergy: Leveraging domestic shipyards like CSL to integrate advanced sonar and electronic systems
- Maritime domain awareness: Enhancing coastal surveillance and submarine threat detection in shallow water zones
कीवर्ड: Maritime Security · Indigenous Content · Anti-Submarine Warfare · Atmanirbhar Bharat · Naval Modernization
आंतरिक सुरक्षा पर और नोट्स
- राजनाथ सिंह ने तेजस, ध्रुव और आकाश में आत्मनिर्भरता पर दिया जोर · 10 अक्टूबर 2026
- ट्रेन में स्पीकर पर वीडियो या ऑडियो बजाने पर 1,000 रुपये जुर्माना · 10 अक्टूबर 2026
- मुंबई में पटाखों और लेजर लाइट पर बैन, बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला · 9 अक्टूबर 2026
- IAF को हर साल चाहिए 2 नए स्क्वाड्रन, एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह का बयान · 8 अक्टूबर 2026
- राजनाथ सिंह ने प्रूफ और फायरिंग रेंज के लिए नई SOP को दी मंजूरी · 7 अक्टूबर 2026
- 3 नवंबर तक 7 जिलों में 'जीरो फैटलिटी' का प्लान रिव्यू · 7 अक्टूबर 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।