US डिपार्टमेंट ऑफ लेबर ने गुरुवार को इंफोसिस, Tata Consultancy Services (TCS), विप्रो
GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· भारत के द्विपक्षीय संबंध· प्रीलिम्स·
लेबर सर्टिफिकेशन और आउटसोर्सिंग नियम: व्यापार और मानव पूंजी (Human Capital) पर GS2 और एथिक्स का एक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
अमेरिकी श्रम विभाग (Department of Labor) ने इंफोसिस और TCS सहित आठ बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों को परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (PERM) प्रोग्राम से निलंबित कर दिया है।
पृष्ठभूमि
अमेरिकी श्रम विभाग (Department of Labor) ने आठ कंपनियों के कामकाज पर रोक लगा दी है। इन कंपनियों में इंफोसिस, TCS, विप्रो, HCL Technologies, Capgemini, Cognizant, Microsoft और Adobe शामिल हैं। इस निलंबन के बाद, TCS ने अगले पांच वर्षों की अवधि में 15,000 अतिरिक्त अमेरिकी श्रमिकों को नियुक्त करने की योजना की घोषणा की है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाPERM: यह US Department of Labor द्वारा मैनेज किया जाने वाला Permanent Labor Certification प्रोग्राम है।
- तथ्यपिछले साल के PERM सर्टिफिकेशन में भारतीय फर्मों की हिस्सेदारी 2% से कम रही।
- तथ्यTCS की योजना पांच वर्षों में 15,000 US वर्कर्स को काम पर रखने की है।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
पिछले वर्ष के PERM सर्टिफिकेशन में भारतीय फर्मों की हिस्सेदारी कितने प्रतिशत थी?
- (a)10% से अधिक
- (b)2% से कम
- (c)15% से कम
- (d)ठीक 5%
उत्तर देखें
उत्तर: (b) 2% से कम — नोट में उल्लेख है कि पिछले साल के PERM सर्टिफिकेशन्स (certifications) में भारतीय फर्मों की हिस्सेदारी 2% से कम थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अमेरिकी बाजार में भारतीय आईटी सेवा प्रदाताओं के परिचालन मॉडल पर श्रम प्रमाणन नियमों के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
अंतर्राष्ट्रीय संबंध पर और नोट्स
- कावेरी नदी के पानी पर विवाद, तमिलनाडु ने कर्नाटक से 15.02 tmc ft बकाया मांगा · 13 अक्टूबर 2026
- BIMSTEC देशों के लिए अमित शाह ने नेशनल सिक्योरिटी डेटाबेस का दिया प्रस्ताव · 13 अक्टूबर 2026
- 8 बड़ी टेक कंपनियों के ग्रीन कार्ड पर डोनाल्ड ट्रंप सरकार का बड़ा एक्शन · 13 अक्टूबर 2026
- बांग्लादेश ने नई दिल्ली में पोर्ट रिस्ट्रिक्शन और एंटी-डंपिंग ड्यूटी हटाने की मांग की · 13 अक्टूबर 2026
- रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सीजफायर, डोनाल्ड ट्रंप ने दी जानकारी · 13 अक्टूबर 2026
- रोहिंग्या पर म्यांमार ने किया नरसंहार? इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस करेगा फैसला · 12 अक्टूबर 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।