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सामुदायिक नेतृत्व वाला संरक्षण और आजीविका विविधीकरण: GS3 पर्यावरण और पारिस्थितिकी का एक केस स्टडी।
लद्दाख प्रशासन ने संरक्षण प्रयासों को स्थानीय आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से रुम्बक, शांग और उलेय में भारत की पहली उच्च-ऊंचाई वाली वन्यजीव सफारी का शुभारंभ किया।
इस परियोजना के अंतर्गत छह खुली-पीछे वाली (ओपन-बैक) वाहनों का समावेश है और इसका उद्देश्य स्थानीय निवासियों को चालक एवं मार्गदर्शकों के रूप में नियोजित करना है। अनुमान है कि क्षेत्र के कुल 718 हिम तेंदुओं में से 477 हिम तेंदुए लद्दाख में निवास करते हैं।
लद्दाख के किन विशिष्ट स्थानों पर भारत की पहली उच्च-ऊंचाई वाली वन्यजीव सफारी (high-altitude wildlife safari) की शुरुआत की गई थी?
उत्तर: (b) Rumbak, Shang और Uley — नोट में रुम्बक, शांग और उलेय को उन स्थानों के रूप में निर्दिष्ट किया गया है जहाँ से सफारी शुरू की गई थी।
Q. लद्दाख जैसे उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्रों में समुदाय-आधारित वन्यजीव पर्यटन किस प्रकार पारिस्थितिक संरक्षण और पर्वतीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित कर सकता है, चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
कीवर्ड: Community-led conservation · Sustainable tourism · Livelihood diversification · Biodiversity protection · Ecotourism
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।