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निवेश साधनों में बाजार की अखंडता और नियामक निरीक्षण: एक GS3 और अर्थव्यवस्था संबंधी केस स्टडी।
NSE ने निवेशकों को सचेत किया है कि आपूर्ति की कमी और नियामक निवेश सीमाओं के समाप्त हो जाने के कारण, सितंबर में कुछ विदेशी ETFs अपने शुद्ध परिसंपत्ति मूल्य (NAV) पर 65%-80% के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे थे।
अगस्त 2026 में, विदेशों में निवेश करने वाली म्यूचुअल फंड योजनाओं में परिसंपत्तियाँ वार्षिक आधार पर 55% की वृद्धि के साथ 485 बिलियन रुपये तक पहुँच गईं। NSE ने यह रेखांकित किया कि जहाँ Nifty 50 और Sensex क्रमशः 8% और 9% की गिरावट दर्ज कर चुके थे, वहीं Nasdaq-100 ने पिछले एक वर्ष में 24% की वृद्धि प्राप्त की।
भारत में विदेशी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: (a) केवल 1 — कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है: नोट के अनुसार यह अधिदेश (mandate) 1 अप्रैल, 2027 से शुरू होता है। कथन 3 गलत है: नोट के अनुसार यह आंकड़ा अगस्त 2026 में प्राप्त हुआ था।
Q. एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में महत्वपूर्ण मूल्य प्रीमियम (price premiums) से जुड़े जोखिमों और बाजार की अखंडता सुनिश्चित करने में विनियामक ढांचे की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
कीवर्ड: Net Asset Value (NAV) · Exchange Traded Funds (ETFs) · Market Premium · Regulatory Limits · Liquidity Constraints · Asset Allocation
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।