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मानवीय दबाव और जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी जैव विविधता में व्यवहारिक अनुकूलन: एक GS3 पर्यावरण केस स्टडी।
हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया है कि उत्तराखंड में मानवीय अतिक्रमण और ध्वनि प्रदूषण के अनुकूल होने के लिए हिमालयन मोनल उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर स्थानांतरित हो रहे हैं और अपने स्वर-संकेतों (vocalizations) में परिवर्तन कर रहे हैं।
उत्तराखंड स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए पांच वर्षीय अध्ययन से मोनल पक्षी में व्यवहारगत अनुकूलन का पता चला है। वर्ष 2100 तक के जलवायु परिवर्तन के अनुमान उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में इस प्रजाति के आवास क्षेत्र में महत्वपूर्ण संकुचन की ओर संकेत करते हैं।
हिमालयी क्षेत्र में हिमालयी मोनल (Himalayan Monal) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: (d) केवल 2 और 3 — कथन 2 और 3 सही हैं। कथन 1 गलत है: अनुमान वर्ष 2100 तक आवास के सिकुड़न (habitat shrinkage) की ओर संकेत करते हैं।
Q. मानवीय दबावों और जलवायु परिवर्तन किस प्रकार हिमालयी जैव विविधता में व्यवहारगत अनुकूलन (behavioral adaptations) को प्रेरित कर रहे हैं और संरक्षण रणनीतियों के लिए इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
कीवर्ड: Anthropogenic pressure · Behavioral adaptation · Habitat shrinkage · Biodiversity conservation · Climate change impact
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।